Panipat News: किसी ने नहीं दिया ध्यान, खेल-खेल में चली गई दो मासूम बच्चियों की जान
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। गोदाम के अंदर खेल-खेल में दो मासूम बच्चियों की जान चली गई। गोदाम के अंदर कपड़ों के चट्टे लगे थे, जहां खेलना जोखिम भरा था लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया और बच्चियों की जान चली गई। वहीं, हादसे के बाद तहसील कैंप थाना पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। दिनभर में न तो पुलिस की जांच पूरी हुई और न ही बच्चियों के शव का पोस्टमार्टम ही हो सका। जिस कारण दोनों बच्चियों के परिजन शवगृह के बाहर इंतजार करते रहे।बरसत सड़क पर पुराने कपड़ों का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। जहां पर बड़े-बड़े गोदाम बनाकर उनमें पुराने कपड़े भर दिए जाते हैं। लेकिन इन गोदाम में न तो कपड़ों की गांठ को रखने का कोई ठोस इंतजाम होता है और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम। कपड़ों के ढेर के बीच में महिलाओं से काम कराया जाता है। महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी गोदाम में पहुंचते हैं लेकिन बच्चों के रहने के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं दिया जाता।गोदाम में जहां हादसा हुआ वहां दोनों बच्चियों की मां अपने-अपने काम में व्यस्त थीं और हादसे में दो मासूम बच्चियों की जान चली गई।करीब सवा 10 बजे हादसा हुआ और करीब साढ़े 11 बजे दोनों बच्चियों को लेकर परिजन नागरिक अस्पताल पहुंच गए थे। अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने 12 बजे दोनों के शव शवगृह में रखवाकर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और शाम तक हादसे की जांच पूरी नहीं हुई। जिस कारण बच्चों के शवों के पोस्टमार्टम तक नहीं हो सके। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।पहली बार मां के साथ गोदाम आई थी प्रज्ञापानीपत। बरसत रोड स्थित श्री लक्ष्मी एंटरप्राइजेज कपड़ा गोदाम में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली चार वर्षीय प्रज्ञा अपनी मां के साथ पहली बार काम के दौरान गोदाम आई थी। वहीं ढाई साल की सोनम और पांच साल की रोशनी भी अपनी-अपनी मां के साथ उसी गोदाम में मौजूद थीं।प्रज्ञा की मां गुड्डी विकास नगर, तहसील कैंप क्षेत्र की रहने वाली हैं और उनके पति राजमिस्त्री के पास मजदूरी करते हैं। घर में कोई व्यवस्था न होने के कारण वे प्रज्ञा को उस दिन अपने साथ गोदाम ले आई थीं।तीनों बच्चियों की मांएं गोदाम में कपड़ों की छंटाई का काम कर रही थीं, जबकि बच्चियां वहीं खेल रही थीं। इसी दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें दो मासूम बच्चियों की जान चली गई और एक बच्ची घायल हो गई।मैं आवाज लगा रही थी, कोई सुन नहीं रहा था : बेसुध हुई बच्ची रोशनी की हालत में दोपहर बाद सुधार हो गया। उसने बताया कि कपड़ों के बीच में गड्ढा बना था। उसमें सोनम और प्रज्ञा छुप गई थीं। जब वह पहुंची तो उनके ऊपर कपड़े गिर गए। जिसमें मैं, प्रज्ञा और सोनम दब गई, लेकिन मेरा मुंह बाहर ही रह गया। मैंने मम्मी और आंटी को आवाज लगाई, किसी ने मेरी आवाज नहीं सुनी। ब्यूरोभिवानी के अजीत ने किराये पर ले रखा है गोदामतहसील कैंप थाना पुलिस सूचना मिलते ही गोदाम पर पहुंची। उस समय गोदाम पर ताला लगा मिला। यह गोदाम भिवानी के अजीत का है। वह किराये के गोदाम में कपड़े का कारोबार कर रहा था। पुलिस ने मालिक को मौके पर बुलाकर ताला खोलकर अंदर जांच की। नागरिकअस्पतालमेंविलापकरतीसोनमकीमांकोसंभालतेपरिजन।संवाद
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 26, 2026, 01:15 IST
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