16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करेगा नॉर्वे: निशाने पर आए यह एप्स, क्या है सरकार का प्लान?
जहां एक तरफ स्मार्टफोन और इंटरनेट की दुनिया ने हमारे बच्चों के लिए सीखने के नए रास्ते खोले हैं, वहीं इसके कई खतरनाक पहलू भी सामने आ रहे हैं, जैसे ऑनलाइन गेमिंग की लत, अनजाने लोगों से संपर्क और अश्लील या हानिकारक कंटेंट में विस्तार। इन्हीं खतरों को देखते हुए नॉर्वे ने एक बड़ा फैसला लिया है। नॉर्वे सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हानिकारक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन गेमिंग सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओस्लो में सरकार ने साफ किया कि प्रस्तावित कानून में विशेष रूप से ऐसे एप्स को निशाना बनाया जाएगा जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जोखिम पैदा करते हैं। कौन से एप्स आए निशाने पर नॉर्वे की चिल्ड्रेन एंड फैमिली मिनिस्टर लीने वाग्सलिड (Lene Vaagslid) ने सरकार के इस कड़े रुख का कारण समझाते हुए कहा कि इस नए कानून के माध्यम से हम बच्चों को सोशल मीडिया पर मिलने वाले सभी जोखिमों से बचाना चाहते हैं। इसमें हानिकारक सामग्री देखने से लेकर, एप्स की लत लगाने वाले फीचर्स, अवैध मार्केटिंग और अनजान लोगों से होने वाले अवांछित संपर्क शामिल हैं। सरकार के अनुसार, शार्ट-वीडियो एप टिक-टॉक, इमेज-शेयरिंग एप स्नैपचैट और बच्चों में बेहद लोकप्रिय गेमिंग प्लेटफॉर्म रोब्लॉक्स इस कानून के सीधे दायरे में आएंगे। हालांकि, अन्य एप्स पर यह नियम कैसे लागू होगा, इस पर अभी आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। हालांकि इन प्लेटफॉर्म की मूल कंपनियों ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। टेक कंपनियों की क्या जिम्मेदारी होगी अप्रैल में नॉर्वे सरकार ने संकेत दिया था कि वह साल के अंत तक संसद में यह एतिहासिक बिल पेश करेगी। इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एज वैरिफिकेशन होगा। इसका मतलब कि यह 16 साल की उम्र की पुष्टि करने की सीधी जिम्मेदारी टेक कंपनियों पर डाली जाएगी। यानी अब कंपनियां केवल I am 16 years old वाले टिक-बॉक्स से काम नहीं चला सकेंगी, उन्हें कोई पुख्ता और मजबूत डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करना होगा ताकि बच्चे फर्जी उम्र डालकर अकाउंट न बना सकें। पहले नहीं बताए गए थे प्लेटफॉर्म्स के नाम अप्रैल में जब नॉर्वे ने इस प्रस्ताव की घोषणा की थी, तब किसी खास सोशल मीडिया या गेमिंग प्लेटफॉर्म का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन अब सरकार ने टिकटॉक, रोब्लॉक्स और स्नैपचैट का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि प्रस्ताव का दायरा किन सेवाओं तक पहुंच सकता है। सरकार ने कहा कि बिल कई प्लेटफॉर्म्स को प्रभावित करेगा। दूसरे एप्स के शामिल होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। किन-किन देशों में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगी रोक नार्वे कोई पहला देश नहीं है, जिसने ऐसा कदम उठाया है। इसके पहले ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बना, जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लागू किया। इसके बाद इंडोनेशिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित की, जबकि ब्राजील ने उम्र सत्यापन और अभिभावकों से जुड़े नियम लागू किए। मलेशिया ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाई है। वहीं, फ्रांस और तुर्किये में 15 साल से कम उम्र के बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने के लिए कानून बनाए गए हैं। ग्रीस ने 2027 से प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है, जबकि स्पेन, ऑस्ट्रिया और स्लोवेनिया में भी उम्र आधारित पाबंदियों को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। नॉर्वे 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसा ही कानून लाने की तैयारी कर रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 20, 2026, 11:30 IST
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