चौंकाने वाला सच: लखनऊ में उपकेंद्रों पर बिजलीकर्मी घट रहे, उपभोक्ता हर साल बढ़ रहे; अनुभव की कमी से बढ़े हादसे

राजधानी लखनऊ में बिजली उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं की शिकायतें दूर करने वाले संविदाकर्मियों की संख्या करीब 30 फीसदी घटा दी गई है, जबकि हर साल करीब 15 फीसदी उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। पहले चार कर्मचारियों के गैंग से होने वाला काम अब तीन कर्मियों से कराया जा रहा है। आरोप है कि कई उपकेंद्रों पर 11 और 33 हजार वोल्ट की लाइनों के खंभों पर बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और अनुभव के कर्मियों को चढ़ाया जा रहा है। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। संविदा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद खालिद के मुताबिक, पहले एक गैंग में एक लाइनमैन, एक पेट्रोलमैन और दो सहयोगी होते थे। खंभे पर चढ़कर काम करने की जिम्मेदारी सिर्फ लाइनमैन की थी। अब तीन कर्मचारियों के गैंग में एक कुशल और दो अकुशल संविदा कर्मी रखे जा रहे हैं। वेतन रोकने की धमकी भी दी जाती शिकायतों का बोझ बढ़ने के बावजूद कर्मचारियों की संख्या घटा दी गई है। खालिद का आरोप है कि शिकायतों का दबाव बढ़ने पर जेई और एसडीओ संविदाकर्मियों से आठ की जगह 12 घंटे तक काम करा रहे हैं। नौकरी से निकालने और वेतन रोकने की धमकी भी दी जाती है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 05, 2026, 04:33 IST
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