Opendoor India Layoffs: AI की वजह से गई 250 नौकरियां? जानिए अमेरिकी कंपनी ने भारत से क्यों समेटा बोरिया-बिस्तर
भारतीय आईटी और टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहद परेशान वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी की मशहूर डिजिटल रियल एस्टेट कंपनी 'ओपनडोर' (Opendoor) ने भारत में अपने पूरे कामकाज और ऑपरेशन्स को हमेशा के लिए बंद करने का एलान कर दिया है। कंपनी के इस अचानक लिए गए फैसले का सीधा असर वहां काम कर रहे करीब 250 भारतीय कर्मचारियों पर पड़ा है, जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। कंपनी अब अपने सभी प्रमुख पदों और कामकाज को वापस अमेरिका (US) शिफ्ट कर रही है। ओपनडोर ने भारत में कामकाज बंद करने का फैसला क्यों लिया Opendoor ने अपने Opendoor 2.0 री-स्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत भारत में मौजूद ऑपरेशंस को बंद करने का फैसला लिया है। इस नई रणनीति का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कामकाज को सरल बनाना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वर्कफ्लो को बढ़ावा देना और ग्राहकों से जुड़े हर काम को सीधे अमेरिकी बाजार के करीब ले जाना है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में कामकाज बंद करने की वजह कर्मचारियों का प्रदर्शन या उनके काम की क्वालिटी बिल्कुल नहीं है। मेमो में कहा गया है कि भारत की टीम में बेहद काबिल लोग शामिल थे और कंपनी भविष्य में अन्य नियोक्ताओं को उन्हें हायर करने की पुरजोर सिफारिश करती है। क्या करती है Opendoor साल 2014 में शुरू हुई Opendoor अमेरिका की सबसे चर्चित प्रॉपर्टी टेक कंपनियों में से एक है। कंपनी ने iBuyingमॉडल को लोकप्रिय बनाया था। इस मॉडल के तहत कंपनी डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी की मदद से घर मालिकों को तुरंत नकद ऑफर देती है, सीधे घर खरीदती है और बाद में उन्हें दोबारा बेचती है। इसके अलावा Opendoor अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मॉर्गेज और घर बेचने से जुड़ी सेवाएं भी प्रदान करती है। कंपनी अमेरिका के कई प्रमुख हाउसिंग मार्केट्स में अपनी सेवाएं देती है। यह भी पढ़ें:Meta Layoffs: मेटा ने नौकरी गंवाने वालों का जताया आभार, बचे कर्मचारियों से किए दो बड़े वादे क्या एआई (AI)और ऑटोमेशन बनी छंटनी की वजह Opendoor में कर्मचारियों की छंटनी की बड़ी वजह एआई(AI) को माना जा रहा है। कंपनी के सीईओ कैरी नेजातियन के मुताबिक, पहले कंपनी बिखरे हुए सिस्टम और मैनुअल प्रोसेस को संभालने के लिए भारत के एक बड़े वर्कफोर्स पर निर्भर थी। लेकिन अब, तकनीक के अपग्रेड होने और एआई के आने से ये सभी सिस्टम आपस में पूरी तरह जुड़ चुके हैं और वर्कफ्लो ऑटोमेट हो चुका है। इस री-स्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी का लक्ष्य आंतरिक टूल्स और वर्कफ्लो को कम करके एक सिंगल प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जिससे मैनुअल काम पूरी तरह खत्म हो सके और कम कर्मचारियों के साथ प्रोडक्टिविटी को बढ़ाया जा सके। प्रभावित कर्मचारियों को क्या मिलेगा सेवरेंस पैकेज और सपोर्ट: नौकरी से निकाले गए सभी भारतीय कर्मचारियों को कंपनी की तरफ से सेवरेंस पे (वित्तीय मुआवजा), आउटप्लेसमेंट सेवाएं और करियर ट्रांजिशन सपोर्ट दिया जा रहा है। अस्थायी टीम: कर्मचारियों के एक बहुत छोटे समूह को फिलहाल कुछ समय के लिए रोका गया है, जो भारत से अमेरिका में काम के माइग्रेशनकी प्रक्रिया को पूरा करने में मदद करेंगे। यह भी पढ़ें:AI: अमेरिका में एआई पर चल रही बहस को प्रभावित कर रहा चीन रिपोर्ट में दावा- चैटजीपीटी का भी कर रहा इस्तेमाल बड़े निवेशकों का है दांव ओपनडोर को दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गजों का समर्थन हासिल है। इसके निवेशकों में ओपनएआई (OpenAI) के सैम ऑल्टमैन, खोसला वेंचर्स, जनरल अटलांटिक, एंड्रीसन होरोविट्ज और सॉफ्टबैंक विज़न फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनी साल 2020 में एक स्पैक (SPAC) मर्जर के जरिए अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट भी हुई थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 12, 2026, 12:51 IST
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