UP: कानपुर में तेजी से बढ़ रही पेटेंट-ट्रेडमार्क पंजीकरण की गति, बीते दो वर्षों में 200 फीसदी से अधिक की वृद्धि
केस एक: शहर के सतेंद्र श्रीवास्तव ने हिंदी भाषा में सुधार और लेखन में सहायता के लिए एआई आधारित प्लेटफार्म व्याकरणी को तैयार किया है। इसका उन्होंने ट्रेडमार्क हासिल कर लिया है और पेटेंट के लिए आवेदन किया है। यह छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से इन्क्यूबेटेड एक स्टार्टअप है। ये हिंदी भाषा को सही, सुगढ़, सुगम और प्रभावी रूप में लिखने में सहायता प्रदान करता है। केस दो: एन कोष एग्री-टेक क्षेत्र का स्टार्टअप है जिसकी स्थापना शहर के आशुतोष तिवारी ने की है। यह किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। इसका भी ट्रेडमार्क लिया गया है। एन कोष छह राज्यों में 50,000 से अधिक किसानों को अपनी सेवाएं दे रहा है। 11 क्षेत्रीय भाषाओं में किसानों को फसल संबंधी सलाह, कृषि विशेषज्ञों से परामर्श, कमोडिटी बिडिंग और फार्म गेट समाधान जैसी सुविधाएं मिलती हैं। केस तीन: फ्लोटा एक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप है। इसका भी ट्रेडमार्क मिल चुका है। इसकी स्थापना शहर के भुवन भाटिया ने की है। यह स्टार्टअप एक स्मार्ट सेंट्रलाइज्ड वायरलेस वाटर सिस्टम है। यह एक ही प्लेटफॉर्म से कई पंप, वाॅल्व, टैंक, रिजर्वायर, वाटर जेट, मोटर और अन्य जल उपकरणों को नियंत्रित और रियल-टाइम में मॉनिटर करने की सुविधा देता है। यह तकनीक विश्वविद्यालयों, टाउनशिप, कॉलोनियों, स्कूल कैंपस, होटलों, रेलवे, एयरपोर्ट, आरओ प्लांट और औद्योगिक संस्थानों में जल प्रबंधन को अधिक कुशल और स्मार्ट बनाती है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 18, 2026, 06:25 IST
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