Bareilly News: तारीखों में उलझा रबर फैक्टरी के 1,432 कर्मचारियों का 272 करोड़ का भुगतान
15 जुलाई, 1999 का दिन रबर फैक्टरी के 1,432 कर्मचारियों के जीवन में ऐसा अंधेरे लेकर आया, जिसने कर्मचारियों को नौकरी सहित वेतन, ग्रेच्युटी और पीएफ आदि के भुगतान से दूर कर दिया। 27 साल से दिल में उजाले की आस लिए कर्मचारी नेता मुंबई से लखनऊ के बीच चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें संघर्ष का फल नहीं मिल सका है। कर्मचारियों का करीब 272 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है। जिला प्रशासन ने रबर फैक्टरी की भूमि पर मालिकाना हक जताते हुए लीज डीड की शर्तों के अनुसार भूमि राज्य सरकार के हक में लेने के लिए बरेली के सिविल कोर्ट में वाद दायर किया है। इसमें सिंथेटिक एंड केमिकल लिमिटेड को पक्षकार बनाया गया है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि फैक्टरी बंद होने पर हक पाने के लिए डीआरटी मुंबई (ऋण वसूली न्यायाधिकरण) और बॉम्बे हाईकोर्ट में वाद दायर किया था। हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त ऑफिशियल लिक्विडेटर ने सभी कर्मचारियों के कागजात लेकर उनकी जांच की और उसे सही माना। कुछ समय पहले ऑफिशियल लिक्विडेटर की ओर से सभी कर्मचारियों के भुगतान की धनराशि तय करते हुए उन्हें पत्र भी जारी किया गया है। बाॅम्बे हाईकोर्ट में पिटीशन नंबर 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम सिंथेटिक एंड केमिकल लिमिटेड व अन्य मामले विचाराधीन है। इसमें राज्य सरकार पक्षकार है। रबर फैक्टरी की स्थापना के लिए वर्ष 1960 में मुंबई के सेठ किलाचंद काे फतेहगंज पश्चिमी में 1382.23 एकड़ भूमि 3.40 लाख रुपये में लीज पर दी गई थी। लीज डीड में शर्त शामिल की गई थी कि फैक्टरी बंद होने के पर सरकार जमीन वापस लेगी। इसके बावजूद 15 जुलाई 1999 को फैक्टरी बंद हुई तो सरकार को भूमि पर कब्जा नहीं मिल सका।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 27, 2026, 06:03 IST
Bareilly News: तारीखों में उलझा रबर फैक्टरी के 1,432 कर्मचारियों का 272 करोड़ का भुगतान #PaymentOfRs272CroreTo1 #432RubberFactoryEmployeesStuckInDates #SubahSamachar
