Border: 14 हजार गांवों के लोग IB के लिए करेंगे निगरानी, सीमावर्ती 111 जिलों में पुख्ता होगा खुफिया नेटवर्क
गृह मंत्रालय देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भरोसे और विकास से एक नई कहानी लिखने जा रहा है। बॉर्डर एरिया में खुफिया सूचना जुटाना चुनौतीपूर्ण काम रहा है। इस वजह से घुसपैठ और असामान्य जनसांख्यिकीय परिवर्तन जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। अब सीमावर्ती क्षेत्रों के 111 जिलों के 396 ब्लॉक में बसे 14 हजार गांवों में खुफिया नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को बड़ी जिम्मेदारी दी है। सीएपीएफ की मदद से सीमावर्ती क्षेत्रों में हजारों लोग केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी के आंख और कान बनेंगे।ये सभी 14,000 गांव, बॉर्डर से 10 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। ये भी पढ़ें:सीमांचल:दो दशकों में हुए जमीन सौदों की तैयार हो रही कुंडली, नेपाल-बांग्लादेश सीमा पर कार्रवाई बनेगी नजीर पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात और राजस्थान में तो बीएसएफ को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर अंदर तक कार्रवाई करने का अधिकार है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में बीएसएफ को पूरा अधिकार प्राप्त है। यह बल इन क्षेत्रों में कहीं भी कार्रवाई कर सकता है। पड़ोसी देश की चाल नहीं होगी कामयाब सीमावर्ती क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बल, कई तरह की सिविल जिम्मेदारी संभालेंगे। वे सिविक एक्शन प्रोग्राम और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के जरिए लोगों के निकट आएंगे। लोगों की समस्याएं हल करने का प्रयास करेंगे। इससे पड़ोसी राष्ट्र, अपनी उस चाल में कामयाब नहीं होगा, जिसमें सीमा से सटे क्षेत्रों के लोगों को गुमराह कर गांव से पीछे की तरफ भेजने का प्रयास किया जाता है। सीमा के आसपास जब स्थानीय आबादी नहीं होगी, तो दुश्मन राष्ट्र अपने एजेंडे को आगे बढ़ा सकता है। सीएपीएफ जवान, वहां के लोगों को केंद्र एवं राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ेंगे। ये भी पढ़ें:UP:सीट नहीं जीत पर अड़ी सपा, कांग्रेस की बढ़ी महत्वाकांक्षा; क्या 2027 चुनाव में सीट बंटवारे पर फंसेगा पेच वाइब्रेंट विलेज योजना में खर्च होंगे 6,839 करोड़ केंद्र सरकार, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2 के तहत 6,839 करोड़ रुपये खर्च करेगी। असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के चुनिंदा रणनीतिक गांवों में वित्त वर्ष 2028-29 तक कई विकास योजनाओं को अंजाम दिया जाएगा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 29, 2026, 05:01 IST
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