प्लास्टिनेशन तकनीक से अंगों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव : वैद्य करतार सिंह

कुरुक्षेत्र। प्लास्टिनेशन तकनीक चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उभरती हुई आधुनिक एवं प्रभावी वैज्ञानिक पद्धति है। इस तकनीक के माध्यम से मानव शरीर के अंगों और संरचनाओं को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सकती है। ये विचार श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने शुक्रवार को आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के रचना शरीर विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह प्लास्टिनेशन तकनीक एक बेहतरीन पद्धति है और कार्यशाला में देश के अनुभवी विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक पहुंचे हैं, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को सीखने का अच्छा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान का उपयोग सदैव विद्यार्थियों की सुविधा और बेहतर शिक्षा के लिए होना चाहिए। जीवन में ऐसे अवसर कभी-कभी मिलते हैं, इसलिए प्रतिभागियों को कार्यशाला में खुले मन से चर्चा और सीखने की भावना के साथ हिस्स लेना चाहिए। कुरुक्षेत्र गीता की पावन भूमि है और गीता मानव जीवन को सही दिशा देने का संदेश देती है। गीता के विचारों को जीवन में सतत ग्रहण करना चाहिए। यह भूमि प्रेरणा देने वाली है और कार्यशाला में आए प्रतिभागी यहां से नई प्रेरणा लेकर जाएंगे। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत गुप्ता बोले कि विद्यार्थियों को अपनी स्किल को निरंतर निखारते रहना चाहिए। कार्यशालाएं नियमित रूप से होने से व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों की बेहतर समझ मिल सकती है। प्रो. सतीश वत्स ने बताया कि कार्यशाला क्लिनिकल एजुकेशन में आधुनिक प्लास्टिनेशन तकनीक के माध्यम से ट्रांसलेशनल रिसर्च को सशक्त बनाना विषय पर की जा रही है। आधुनिक प्लास्टिनेशन तकनीक और चिकित्सा शिक्षा में उसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सचिव प्रो. सचिन शर्मा तथा रिसोर्स पर्सन त्रावणकोर मेडिकल कॉलेज, केरल से डॉ. हरिकृष्णन पीआर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज महाराष्ट्र से डॉ. मिनी मोल पी और नूतन आयुर्वेदिक कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर संकलचंद पटेल विश्वविद्यालय गुजरात से डॉ. प्रगल्भ एमआर ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर, डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. आशीष नांदल और डॉ. तनवी महाजन समेत विभिन्न संस्थानों से विशेषज्ञ और प्रतिभागी मौजूद रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 16, 2026, 03:37 IST
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