Una News: शिवबाड़ी में अजगरों के रेस्क्यू विवाद की प्रारंभिक रिपोर्ट डीएफओ को सौंपी

संरक्षित जीवों को सपेरों की ओर से रखना कानूनन अपराध संवाद न्यूज एजेंसीगगरेट (ऊना)। शिवबाड़ी क्षेत्र से अजगरों के रेस्क्यू को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। दो राज्यों के वन विभागों के बीच पत्राचार जारी है और जांच प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दी गई है। अंब रेंज ऑफिसर राहुल ठाकुर ने बताया कि मामले में जांच के आदेश जारी होने के बाद उन्होंने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर डीएफओ ऊना को भेज दी है। रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम का क्रमवार विवरण दिया गया है, जिसमें बिना पूर्व अनुमति किसी बाहरी संस्था की ओर से संरक्षित वन्यजीवों के रेस्क्यू और उनके हैंडलिंग से जुड़े पहलुओं को शामिल किया गया है।राहुल ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय रॉक पाइथन और कॉमन कोबरा जैसे जीव वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित हैं। ऐसे जीवों का रेस्क्यू, संरक्षण और पुनर्वास केवल निर्धारित प्रोटोकॉल और विभागीय अनुमति के तहत ही किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन संरक्षित जीवों को सपेरों द्वारा रखना कानूनन अपराध है। वन विभाग को इस मामले में महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं और अज्ञात सपेरों की पहचान कर उनके विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीवों के अवैध प्रदर्शन और दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उधर, हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने संबंधित संस्था को पहले ही चेतावनी पत्र जारी कर दिया है और पंजाब के अधिकारियों के साथ भी पत्राचार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर अधिकार क्षेत्र और प्रक्रियाओं की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। साथ ही, गगरेट के दियोली और बड़ोह बीट में पकड़ी गई लकड़ी पर भी कार्रवाई की जा रही है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 18, 2026, 20:05 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Una News: शिवबाड़ी में अजगरों के रेस्क्यू विवाद की प्रारंभिक रिपोर्ट डीएफओ को सौंपी #PreliminaryReportOnTheDisputeOverTheRescueOfPythonsInShivbariWasSubmittedToTheDFO. #SubahSamachar