इंटरपोल रेड नोटिस से UAE वापसी तक: NCB कस्टडी में ड्रग किंगपिन वीरेंद्र बसोया; कोर्ट ने कस्टडी में भेजा
पुणे की अदालत ने कथित ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को 21 अगस्त तक एनसीबी कस्टडी में भेज दिया है। बसोया को UAE से भारत लाया गया था और उस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी के कथित नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है। जांच में पुणे और दिल्ली से बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन की बरामदगी हुई है। एनसीबी के मुताबिक, बसोया इस सिंडिकेट का कथित मास्टरमाइंड था और उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था। दिल्ली कोर्ट ने बसोया की ट्रांजिट रिमांड को दी थी मंजूरी शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत ने एनसीबी की उस अर्जी को मंजूरी दी थी, जिसमें बसोया की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मांगी गई थी, ताकि उसे पुणे की अदालत में पेश किया जा सके। इसके बाद रविवार को उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पुणे की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी लंबे समय तक विदेश में रहा था। उसका नाम ड्रग्स से जुड़े कई मामलों में सामने आ चुका है। अभियोजन के मुताबिक, ऐसी आशंका है कि बसोया ड्रग तस्करी के एक बड़े रैकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। 9,000 किलो मेफेड्रोन जब्त करने का दावा अभियोजन पक्ष ने कहा कि नशीले पदार्थों की सप्लाई एक गंभीर अपराध है। एनसीबी और पुलिस के विभिन्न ऑपरेशनों के दौरान करीब 9,000 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया था। पुणे पुलिस ने विश्रांतवाड़ी (पुणे) और दिल्ली में चलाए गए अभियानों के दौरान भी भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद की थी। अभियोजन पक्ष ने बताया कि इस मामले में कई आरोपी हैं और बसोया से बाकी आरोपियों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जानी है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। इसी आधार पर अभियोजन ने अदालत से बसोया की छह दिन की एनसीबी कस्टडी मांगी। बसोया के वकील ने कितनी कस्टडी की मांग की बसोया के वकील ने अभियोजन की मांग का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को केवल चार दिन की एनसीबी कस्टडी में भेजा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने बसोया को 21 अगस्त तक एनसीबी की कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। 2024 के पुणे ड्रग्स मामले में बसोया का नाम कैसे सामने आया बसोया का नाम 2024 में पुणे में 500 ग्राम मेफेड्रोन जब्त किए जाने के मामले में सामने आया था। मेफेड्रोन एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट है, जिसे आमतौर पर म्याऊ म्याऊ के नाम से जाना जाता है। ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे खत्म करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसके बाद पुणे से करीब 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया। इस तरह कुल बरामदगी करीब 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन तक पहुंच गई। एनसीबी ने बसोया को कथित मास्टरमाइंड क्यों माना एनसीबी की मुंबई यूनिट ने बाद में जांच अपने हाथ में ली। जांच एजेंसी ने बसोया की पहचान उस कथित मास्टरमाइंड के रूप में की, जो विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों का संचालन करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप की तस्करी कराता था। बसोया का नाम दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा जांचे जा रहे इंटरनेशनल कोकीन तस्करी से जुड़े एक अलग मामले में भी सामने आया था। इससे पहले भी उसका नाम नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आने की बात जांच एजेंसियों ने कही है। अमित शाह ने बसोया की वापसी को बताया था मील का पत्थर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि एनसीबी ने UAE से बसोया की भारत वापसी सुनिश्चित की है। उन्होंने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति में एक 'नया मील का पत्थर' बताया था। बसोया दुबई कब और क्यों भागा था एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशन्स) नीरज गुप्ता ने बताया था कि 2024 में पुणे पुलिस द्वारा बसोया के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के ठीक एक दिन बाद वह दुबई भाग गया था। गुप्ता के मुताबिक, बसोया ड्रग तस्करी नेटवर्क का एक “बड़ा सरगना” है। ये भी पढ़ें:वंदे मातरम के अपमान पर किसपर भड़के शाह:कहा- देश माफ नहीं करेगा; राजस्थान में पूर्व PM की प्रतिमा का अनावरण बसोया के खिलाफ इंटरपोल ने कब जारी किया था रेड नोटिस नीरज गुप्ता ने बताया कि बसोया के खिलाफ नवंबर 2025 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद उसकी तलाश तेज की गई और एनसीबी ने UAE से उसकी भारत वापसी सुनिश्चित की।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 16, 2026, 11:29 IST
इंटरपोल रेड नोटिस से UAE वापसी तक: NCB कस्टडी में ड्रग किंगपिन वीरेंद्र बसोया; कोर्ट ने कस्टडी में भेजा #IndiaNews #National #VirendraSinghBasoya #Ncb #DrugKingpin #PuneDrugsCase #Mephedrone #DrugTrafficking #Uae #InterpolRedNotice #AmitShah #Narcotics #SubahSamachar
