पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी: भाजपा को आस-आंकड़ों के सहारे पार होगी नैया, ये है पार्टी की नई रणनीति
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा अपनी रणनीति को धार देने में जुटी है। इसी कड़ी में अब भाजपा ने आंकड़ों का एक खास दस्तावेज तैयार किया है जो चुनाव से पहले मतदाताओं के घर-घर तक पहुंचेगा। ये दस्तावेज केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल पर आधारित हैं। केंद्र की ओर से पंजाब के लिए क्या सहयोग रहा, विभिन्न मदों में कितना फंड आया, आंकड़ों सहित तमाम जानकारियां इस दस्तावेज में शामिल की गई हैं। यह दस्तावेज यह भी बताएगा कि सूबे में केंद्र के सहयोग से क्या-क्या विकास कार्य हुए और पंजाब के प्रति क्या बड़े फैसले लिए गए। पीएम मोदी के कार्यों का पंजाब में प्रचार करते हुए भाजपा नेता और कार्यकर्ता मतदाताओं से यह जानकारी साझा करेंगे। दरअसल, इस दस्तावेज को तैयार करने का मकसद उन विरोधियों को जवाब देना है जो इस बात का प्रचार तेजी से कर रहे हैं कि मोदी सरकार ने पंजाब को विकास व अन्य मामलों में हाशिये पर रखा। केंद्र की मदद का होगा बखान सूबे में आप सरकार इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार की घेराबंदी करने में जुटी रहती है। कांग्रेस भी केंद्र पर पंजाब की अनदेखी करने का आरोप मढ़ती रहती है। इस दस्तावेज को इस तरह से तैयार किया है ताकि मतदाताओं को मालूम चल सके कि किसानों, गरीबों, महिलाओं एवं बाल विकास, बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट, स्वास्थ्य इत्यादि क्षेत्रों के लिए केंद्र ने पंजाब को कितना फंड उपलब्ध करवाया है। भाजपा के खिलाफ नैरेटिव सेट करने की हो रही कोशिश पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बताते हैं कि ये दस्तावेज इसलिए जरूरी है ताकि केंद्र सरकार के खिलाफ विरोधियों के भ्रामक प्रचार के चक्र को तोड़ा जा सके। भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोधी दल पंजाब में एक ऐसा नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे मतदाताओं में यह संदेश जाए कि केंद्र सरकार विभिन्न मुद्दों पर पंजाब को अनदेखा करती है। इनमें बड़ा वर्ग किसान हैं, जिन्हें भाजपा के खिलाफ भड़काया जा रहा हैं। भाजपा अब शहरों व गांवों में डोर-टू-डोर जाकर पंजाबियों के बीच भ्रामक प्रचार की तस्वीर को साफ करेगी। दस्तावेज में इन आंकड़ों के जरिये होगा प्रचार - 13वें वित्त कमिशन में पंजाब का हिस्सा 1.39 प्रतिशत था जबकि अब 16वें वित्त कमिशन में यह हिस्सा 1.99 प्रतिशत हो गया है। - केंद्र ने कर हस्तांतरण के तहत साल 2016-17 से 2026-27 तक पंजाब को 184055.76 करोड़ रुपये दिए। - केंद्र की ओर से पंजाब को 10 साल में 148559.40 करोड़ की ग्रांट-इन-एड ट्रांसफर की गई। - जीएसटी मुआवजे के तौर पर पंजाब को केंद्र से 33997 करोड़ रुपये मिले। - केंद्रीय ऋण एवं एडवांस मद में पंजाब को 40767.50 करोड़ प्राप्त हुए। - केंद्र की ओर से कुल प्रत्यक्ष राजकोषीय समर्थन के तहत पंजाब को विभिन्न मदों में 12 साल में 4.13 लाख करोड़ प्राप्त हो चुके हैं। - दस्तावेज में पीएम सम्मान किसान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, आयुष्यमान भारत, एनएचएम, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट, अमृत परियोजना समेत 35 योजनाओं में केंद्र का सहयोग सम्मिलित किया गया है। पीएम-किसान योजना से पंजाब के 11 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि 17 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल के जल कनेक्शन प्राप्त हुए हैं। पंजाब में आयुष्मान भारत, एम्स बठिंडा, नए मेडिकल कॉलेजों और 565 से अधिक जन औषधि केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार हुआ है। बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के लिए भी पंजाब में केंद्र ने 12 साल में 189.06 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। - केवल सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, पंजाब भाजपा
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 13, 2026, 04:16 IST
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