क्यों तिहाड़ जेल में राजपाल यादव को करना पड़ा आत्मसमर्पण? पढ़िए 'अता पता लापता' से चेक बाउंस तक की पूरी कहानी
फिल्मों में अपने कॉमिक अंदाज से दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देने वाले अभिनेता राजपाल यादव कानूनी पचड़े में फंसे हैं। यूं तो मामला वर्षों पुराना है, मगर अब दिल्ली हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उन्होंने आज गुरुवार को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। इस मामले के तार राजपाल यादव की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़े हैं। इसके जरिए एक्टर ने बतौर निर्देशक बोहनी की। मगर, देखते ही देखते कुछ ऐसा हुआ कि बात तिहाड़ जाने तक पहुंच गई। जानिए क्या है पूरा मामला, कैसे हुई शुरुआत एक लाइन में मामला सिर्फ इतना है कि राजपाल यादव बतौर निर्देशक पहली फिल्म बनाते हैं। फिल्म बनाने के लिए करोड़ों का कर्जा लेते हैं। कर्जा लौटा नहीं पाते तो जिस कंपनी से कर्जा लिया वह उनके खिलाफ केस कर देती है। एक्टर कुछ चेक कंपनी को देते हैं और वे सभी बाउंस हो जाते हैं। अब इसे जरा विस्तार से समझते हैं। साल 2010 की बात है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से पांच करोड़ रुपये की राशि लोन के रूप में ली थी। चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में किया आत्मसमर्पण, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया था अल्टीमेटम
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 05, 2026, 20:51 IST
क्यों तिहाड़ जेल में राजपाल यादव को करना पड़ा आत्मसमर्पण? पढ़िए 'अता पता लापता' से चेक बाउंस तक की पूरी कहानी #Bollywood #Entertainment #National #RajpalYadav #RajpalYadavChequeBounceCase #RajpalYadavMovieAtaPataLaapata #AtaPataLaapataLoan #राजपालयादव #राजपालयादवचेकबाउंसकेस #SubahSamachar
