Skoda Tax Case: बॉम्बे हाईकोर्ट में बोली सरकार- स्कोडा को 1.4 अरब डॉलर की कर राहत देने के नतीजे विनाशकारी...

भारतीय कर प्राधिकरण ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया है कि 1.4 अरब डॉलर (करीब 120 अरब रुपये) के टैक्स बिल को रद्द करने की फॉक्सवैगन की मांग पर सहमति जताने से विनाशकारी परिणाम होंगे। इससे कंपनियां सूचना छिपाने तथा जांच में देरी करने के लिए प्रोत्साहित होंगी। यह जानकारी प्राधिकरण की ओर से अदालत में प्रस्तुत किए गए दस्तावेज में सामने आई है। ये भी पढ़ें:Engines:इंजन कितने तरह के होते हैं इनलाइन, वी, डब्ल्यू, बॉक्सर और रोटरी - क्या है इनका मतलब सरकार की ओर से इतने अधिक आयात शुल्क की मांग 12 साल के फॉक्सवैगन के शिपमेंट की जांच के बाद की गई है। भारतीय कर प्राधिकरण ने हाईकोर्ट को बताया कि फॉक्सवैगन ने अपने आयातों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी और डाटा को रोककर देरी की है। कार निर्माता के तर्क को स्वीकार करने से आयातकों को महत्वपूर्ण जानकारी को दबाने का मौका मिल जाएगा और फिर वे दावा कर सकेंगे कि कर प्राधिकरण द्वारा जांच करने की समय-सीमा बीत चुकी है। ये भी पढ़ें:Safest Cars In India:बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सबके लिए सेफ हैं ये कारें, कीमत बस 6 लाख से शुरू स्कोडा ने उच्च टैरिफ से बचने के लिए गलत जानकारी का सहारा लिया फॉक्सवैगन की इकाई स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया पर आरोप है कि उसने उच्च टैरिफ से बचने के लिए ऑडी, फॉक्सवैगन और स्कोडा की कुछ कारों के आयातित घटकों को गलत तरीके से वर्गीकृत किया है। सरकार की टैक्स मांग के खिलाफ कार निर्माता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की है। उसने कर मांग को खारिज करने के लिए शिपमेंट समीक्षा में देरी करने में कर अधिकारियों की ढिलाई का तर्क दिया है। संबंधित वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 24, 2025, 05:29 IST
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