98 साल के बुजुर्ग को उम्रकैद: हाईकोर्ट ने बदला 21 साल पुराना फैसला, सजा को किया रद्द, लाठी से हुई थी मौत
हरियाणा के रोहतक में करीब 21 साल पहले बुजुर्ग की लाठी से हुई व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत ने मामले में फैसला बदल दिया। मामले में बुजुर्ग को उम्रकैद की सजा हुई थी, जिसे हाईकोर्ट ने बदलकर 98 साल के बुजुर्ग के प्रति नरमी दिखाते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि बुजुर्ग सहारे के लिए लाठी का इस्तेमाल करते हैं और उनके मामले में लाठी को हथियार नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने 98 साल के बुजुर्ग जगे राम को हत्या का दोषी न मानते हुए गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है। 2004 में रोहतक के एक गांव में झगड़े के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार विवाद के दौरान मृतक तालेराम को काफी चोटें आईं थी। इनमें से एक जानलेवा साबित हुई। इस मामले में तीन लोगों को दोषी ठहराया गया था। जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल और जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि घटना के समय 77 साल के जगे राम लाठी का सहारा लेकर चलते थे। यह लाठी कोई हमला करने का हथियार नहीं थी, बल्कि वह इसे अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। जगे राम ने मृतक पर केवल एक ही वार किया था और दोबारा हमला नहीं किया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 17, 2025, 19:51 IST
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