हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है : शिवराज चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा, कहा- रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बिगड़ रही मिट्टी की सेहतसंवाद न्यूज एजेंसीकरनाल/तरावड़ी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पराली जलाने से जमीन की सेहत खराब होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। सरकार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। किसान पराली बेचकर 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल तक कमा सकते हैं। वहीं, यदि पराली को खेत में ही मिला दिया जाए तो इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद मिलती है।उन्होंने कहा कि हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है। इसके लिए राज्य सरकार और किसान बधाई के पात्र हैं। हरियाणा सरकार पराली नहीं जलाने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता भी देती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तरावड़ी की जमीन में कार्बन की मात्रा अच्छी है और यहां के किसान पराली प्रबंधन भी कर रहे हैं, यह खुशी की बात है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर देशभर में खेत बचाओ अभियान शुरू किया गया है। जिस मिट्टी में अनाज और फल पैदा होते हैं, उसी से हमारा जीवन चलता है लेकिन रासायनिक खादों के अधिक इस्तेमाल से मिट्टी का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। इसका असर सब्जियों और फलों पर भी पड़ता है, जिनका सेवन करने से लोगों की सेहत प्रभावित हो सकती है।गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडारकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है। देश में फिलहाल खाद्यान्न संकट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने खेतों की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण की रक्षा के लिए किसानों से प्राकृतिक संसाधनों का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेतों की मिट्टी स्वस्थ रहेगी तो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पर्याप्त अन्न पैदा किया जा सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 22 अक्तूबर से 30 नवंबर तक आयोजित किए जाने वाले खेत बचाओ अभियान में सभी सहयोग करें।पीएम आवास योजना के तहत 28422 घरों का लक्ष्यउन्होंने बताया कि भारत सरकार के विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हरियाणा में नवीन आवास 2024 सर्वेक्षण सूची में उपलब्ध परिवारों को आवास मुहैया कराने के लिए 28422 घरों का लक्ष्य आबंटित किया है। इन आवासों के निर्माण पर 341.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस निर्णय से राज्य के पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए सहायता मिलेगी।खेत में फसल को भी भोजन की जरूरतइससे पहले हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आज चिंता जमीन की सेहत को बचाने की करनी है। किसान लंबे समय से परंपरागत खेती करते आए हैं। खेत में फसल को भी भोजन की जरूरत है। फसल का भोजन सूक्ष्म जीवाणु हैं। डीएपी, यूरिया, कीटनाशकों के कारण जीवाणु नष्ट हो रहे हैं। सूक्ष्म जीवाणु बढ़ाने के लिए गोवंश का गोबर अत्यधिक उपयोगी है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 23, 2026, 06:03 IST
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