K Kavitha: वायरल हो रहा के कविता का विधान परिषद में दिया गया विदाई भाषण, अजित सिंह को याद कर क्यों हुईं भावुक?

बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव की बेटी और तेलंगाना की एमएलसी के. कविता का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो तेलंगाना विधान परिषद सत्र के दौरान का है। वहां वे अपना विदाई भाषण दे रहीं थी। इससे बाद उन्होंने विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसमें कविता काफी भावुक नजर आ रही हैं। वे रालोद के पूर्व नेता चौधरी अजीत सिंह का जिक्र कर रही हैं। अपने भावुक भाषण में कविता अजीत सिंह की तारीफ करते हुए तेलंगाना आंदोलन में उनके योगदान के बारे में बताती हैं। कविता कहती हैं कि, तेलंगाना आंदोलन के दौरान कई ऐसे नेता थे, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के आंदोलन का साथ दिया। चौधरी अजित सिंह ऐसे नेताओं में सबसे आगे थे। उन्होंने तेलंगाना बनाने के लिए इस्तीफा तक दे दिया था, मगर यह दुर्भाग्य रहा कि राज्य बनने के बाद उनको वह सम्मान और आदर नहीं मिल पाया, जिसके वे वास्तव में हकदार थे। ये भी पढ़ें:-BMC Election Exit Poll: बीएमसी में भाजपा सहयोगियों को बहुमत मिलने की संभावना, जानें अन्य दलों का हाल 5 जनवरी को दिया गया था भाषण पिता के चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस से कविता को पिछले साल सितंबर में निलंबित कर दिया गया था। दो सिंतबर को पार्टी से निलंबन के वक्त बीआरएस ने उन पर 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' में शामिल होने और संगठन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। बीआरएस ने कहा था कि पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर राव ने एमएलसी कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया है। इसके बाद भी वो बीआरएस की एमएलसी बनी हुईं थीं। 5 जनवरी को उन्होंने विधान परिषद में भावुक भाषण दिया। इस दौरान कई बार उनकी आंखों में आंसू देखे गए। इसके बाद उन्होंने विधानसभा परिषद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 7 जनवरी को उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया गया। अब उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाने का भी एलान कर दिया। ये भी पढ़ें:-Iran Unrest: ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालेगी सरकार, कल से शुरू हो सकता है वतन वापसी का अभियान मतदाताओं का आभार व्यक्त किया अपने विदाई भाषण में कविता ने बीआरएस पार्टी और निजामाबाद के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर उन पर कई पाबंदियां लगाई जा रही थीं, जिससे उनके लिए अपना काम करना मुश्किल हो गया था। कविता ने कहा कि 2013-14 के दौरान उन्होंने दिल्ली में तेलंगाना राज्य के गठन के लिए महत्वपूर्ण पैरवी की थी। जब कांग्रेस के नेताओं ने उनके परिवार को बुलाकर भी बात नहीं की, तब उन्होंने व्यक्तिगत संपर्कों (आस्कर फर्नांडीस) के जरिए केसीआर की बैठकें कराईं, जिससे राज्य गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। राजनीति में आने को लेकर उन्होंने कहा कि वह शुरू में एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ चलाना चाहती थीं, लेकिन पार्टी के अनुरोध पर उन्होंने 2014 में निजामाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा। अन्य वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 15, 2026, 19:32 IST
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