Bareilly News: मेहनत की खाद... पसीने की सिंचाई से लहलहा रही पदकों की फसल

बरेली। जिले के होनहार अपनी मेहनत से पदक जीतकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। कई खिलाड़ियों ने कम उम्र में ही अपने खेल कौशल का लोहा मनवाया है। इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस यानी राष्ट्रीय खेल दिवस पर हम ऐसी ही प्रतिभाओं के बारे में आपको बता रहे हैं। यूपी वॉरियर्स के शिविर तक का तय किया सफरडिफेंस एन्क्लेव, बदायूं रोड निवासी मानवी वर्मा (14) ने बचपन में ही गुड्डे-गुड़ियों की जगह बल्ला थाम लिया। उनकी मां गीतांजलि बताती हैं कि बचपन में जब वह बेटी को बॉल थ्रो करती थीं तो वह उसपर दमदार शॉट लगाती थी। विराट कोहली को आदर्श मानने वाली मानवी का क्रिकेट का सफर सिर्फ पांच साल की उम्र से ही शुरू हो गया था। बीते सीजन में उनका चयन वीमेंस प्रीमियर लीग की टीम यूपी वॉरियर्स के शिविर के लिए भी हुआ था। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल होकर देश का मान बढ़ाना चाहती हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दमदार प्रदर्शन का सिलसिला जारीकैंट स्थित साई सेंटर के छात्रावास में रहकर सेपकटाकरा का प्रशिक्षण ले रहे बॉबी ने भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक दबाव और पढ़ाई को प्राथमिकता दिए जाने के कारण कुछ समय तक उन्हें खेल से दूरी बनानी पड़ी थी। दिसंबर 2016 में उन्होंने मैदान पर वापसी की तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और प्रशिक्षण से अपने खेल को निखारा। वह बिहार में आयोजित विश्व कप में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह कई बार विश्व चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ताइक्वांडो में दम दिखा रहे करनकृष्णानगर निवासी करन (16) ताइक्वांडो के खिलाड़ी हैं। उनके पिता उमेश कन्नोजिया ने बताया कि करन ने चार साल पहले पेशेवर स्तर पर ताइक्वांडो की शुरुआत की और जल्द ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वह कई बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पदक अपने नाम कर चुके हैं। उनका मानना है कि ताइक्वांडो ने न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि जीवन में अनुशासन भी सिखाया है। उन्होंने वर्ष 2023 में दिल्ली में हुई ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 29, 2025, 06:06 IST
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