प्रणाम में निहित है जीवन का महामंत्र : भारत भूषण
कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का दूसरा दिनसंवाद न्यूज एजेंसीहस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि की कामना के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के दूसरे दिन आचार्य भारत भूषण महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि जैन दर्शन में प्रणाम सबसे बड़ा मंत्र है। विनम्रता से किया गया नमस्कार आयु, विद्या, यश और बल प्रदान करता है तथा प्रभु कृपा का आधार बनता है।सोमवार प्रातः विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मंगलाचरण एवं मांगलिक मंत्रों के साथ विधिवत क्रियाओं का शुभारंभ कराया। स्वर्ण कलश से आरव जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा तरुण जैन एवं हर्ष जैन ने की। दीप प्रज्ज्वलन रूपा जैन, अभिषेक जैन एवं अरुण जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण कराया।विधान कराने वाले धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ 48 अर्घ्य समर्पित किए गए। 81 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। इसमें सहारनपुर, भोपाल, दिल्ली, गन्नौर, लंदन और देहरादून सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।भक्तामर पाठ का शुभारंभ क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन ने किया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक पाठ में भाग लिया। विधान के मध्य सुनील जैन ने प्रस्तुत भजनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधान का विसर्जन गीता जैन व राजेंद्र जैन ने किया। आरती एवं प्रश्नमंच के पश्चात विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं जैन समाज के सहयोगियों का योगदान रहा। कैलाश पर्वत पर चल रहे भक्तांबर विधानपाठ में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत मंदिर
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 09, 2026, 21:20 IST
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