Jhansi News: किसान, श्रमिक के बेटों की मेहनत रंग लाई, छात्रवृत्ति पाई

अमर उजाला ब्यूरोझांसी। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृति परीक्षा-2024 का परिणाम जारी हो चुका है। नौवीं-दसवीं के छात्रों को 50-50 हजार तो 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को 75-75 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलनी है। छात्रवृत्ति के लिए झांसी के चिरगांव और गुरसराय के एक-एक छात्र का भी चयन हुआ है। एक छात्र किसान तो दूसरा श्रमिक का बेटा है मगर अपनी मेहनत के बलबूते दोनों ही मेधावी छात्रों ने छात्रवृत्ति पाने में सफलता हासिल कर ली है। छात्रों के घर में खुशी का माहौल है। अमर उजाला से बातचीत में छात्रों ने बताया कि छात्रवृत्ति के माध्यम से आगे की पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। 10 नवंबर 2024 को आयोजित छात्रवृत्ति परीक्षा झांसी और ललितपुर के करीब 1600 विद्याथियों ने हिस्सा लिया था।प्रशासनिक अफसर बनना चाहते हैं देवसंवाद न्यूज एजेंसीचिरगांव। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए चिरगांव के करगुवां गांव निवासी कक्षा नौवीं के देव राजपूत का भी चयन हुआ है। इसकी जानकारी होते ही परिजन खुशी से झूम उठे। देव का कहना है कि छात्रवृत्ति के माध्यम से अब आगे की पढ़ाई आसानी से हो सकेगी।ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े देव राजपूत वर्तमान में चिरगांव के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के कक्षा नौवीं के छात्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई है। इसके बाद कक्षा तीन से प्राइमरी तक चिरगांव के सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा ग्रहण की। शुरू से ही पढ़ने में होशियार रहे देव के पिता राजेंद्र कुमार मजदूरी करते हैं लेकिन अपने इकलौते बेटे को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। देव ने बताया कि वह सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर अफसर बनने की है। गणित में उनकी रुचि ज्यादा है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता की ओर से मिलने वाले प्रोत्साहन और खुद की मेहनत को देते हैं।शिवांश बोले - छात्रवृत्ति मिलने से बढ़ा मनोबलसंवाद न्यूज एजेंसीगुरसराय। गुरसराय के टेहरका गांव के किसान के बेटे शिवांश यादव ने भी अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति हासिल करने में सफलता पाई है। वह आगे चलकर प्रशासनिक अफसर बनना चाहते हैं। इंटरमीडिएट के छात्र का कहना है कि छात्रवृत्ति के लिए चयन होने से मनोबल बढ़ा है।परिवार के सहयोग से शिवांश गुरसराय में किराए के मकान में रहकर विज्ञान संकाय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहे हैं। अभी बोर्ड की परीक्षाएं भी चल रही हैं। बताया कि 12वीं की परीक्षा के बाद वह प्रशासनिक सेवा की परीक्षा की तैयारी में जुट जाएंगे। शिवांश का कहना है कि उनकी बड़ी बहन एमए कर रही हैं। वह उनकी पढ़ाई में काफी मदद करती हैं। उनके पिता किसाना हैं। जबकि, मां गृहणी हैं। छात्र भी उपलब्धि पर खेर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य धन प्रकाश तिवारी ने भी स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। साथ ही छात्र के गांव में भी खुशी मनाई गई।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 05, 2025, 02:19 IST
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