Bareilly News: लार्वा को खत्म करने के लिए टेमीफास, अल्फा-साइपरमेथ्रिन का होगा छिड़काव

मच्छरजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अब स्वास्थ्य विभाग तालाबों में नया कीटनाशक प्रयोग की तैयारी में हैं। टेमीफास, अल्फा-साइपरमेथ्रिन के साथ ही जलभराव के स्थान और तालाबों में बैसिलस थुरिनजिएंसिस कीटनाशक प्रयोग होगा। इससे तालाब के पानी में ही लार्वा खत्म हो सकेंगे।जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक मानसून हावी होने के बाद बारिश में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब शासन की ओर से बैसिलस थुरिनजिएंसिस इजरायलेसिस कीटनाशक का प्रयोग किया जाएगा। इसे तालाब या जलभराव वाली जगह पर निर्धारित मात्रा में डाला जाएगा। 90 फीसदी से ज्यादा लार्वा नष्ट हो जाएंगे। पानी सुरक्षित रहेगा। कीटनाशक के इस्तेमाल का पशु और पक्षी पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। जिले को 250 लीटर कीटनाशक भेजा गया है। बता दें कि पहले डीडीटी प्रयोग होता था। जो अब बंद है।बताया कि अल्फा साइपरमैथ्रिन स्प्रे करीब 40 फीसदी, फॉगिंग करीब पांच फीसदी प्रभावी होती है। बीटीआई कीटनाशक का प्रभाव इनसे दोगुना ज्यादा है। पहली बार जिले में प्रयोग होने वाले इस कीटनाशक से मलेरिया रोगों के प्रसार में खासी कमी का अनुमान अधिकारी जता रहे हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 27, 2026, 06:03 IST
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