हिमाचल: सरकार में निहित शामलात भूमि पर ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार समाप्त, हाईकोर्ट ने किया स्पष्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश विलेज कॉमन लैंड (वेस्टिंग एंड यूटिलाइजेशन) एक्ट के तहत राज्य सरकार में निहित हो चुकी शामलात भूमि के आवंटन को दीवानी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि भूमि सरकार के स्वामित्व में आते ही उस पर ग्रामीणों के सभी पारंपरिक बरतनदारी अधिकार जैसे पशु चराना, लकड़ी या फिर पत्थर लेना और शव दफनाना स्वतः समाप्त हो जाते हैं। न्यायाधीश राकेश कैंथला की अदालत ने गुरदास एवं अन्य बनाम देव राज (अब दिवंगत, उनके कानूनी वारिसों के माध्यम से) मामले में निचली अदालतों के फैसलों को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 20, 2026, 17:48 IST
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