नेपाल त्रासदी: काशी के नेपाली समाज ने बाढ़ के बीच अपनों का जाना हाल, प्रशासन भी अलर्ट; विधायक ने की मुलाकात
काशी और नेपाल का रिश्ता सदियों पुराना है। नेपाल में राजतंत्र के दौर में राजा-रानी राज्याभिषेक से पहले काशी आकर गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करते थे। यही पुराना रिश्ता आज भी दोनों क्षेत्रों के बीच जुड़ाव का आधार बना हुआ है। काशी में बाढ़ की स्थिति की जानकारी मिलते ही नेपाली समाज के लोगों ने फोन कर नेपाल में रह रहे अपने परिचितों और परिजनों से संपर्क कर हालचाल लिया। शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और नेपाली समाज वाले इलाकों के जनप्रतिनिधि भी समाज के लोगों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेते रहे। काशी में नेपाली कोठी, काठ की हवेली और नेपाली मंदिर आज भी नेपाली संस्कृति और परंपरा के प्रमुख प्रतीक हैं। एक समय मंगलागौरी, दुग्ध विनायक और ब्रह्मा घाट का इलाका बड़ी संख्या में नेपालियों की मौजूदगी के लिए जाना जाता था। बताया जाता है कि नेपाल के राजपरिवार से जुड़े लोग भी यहां रहते और शिक्षा ग्रहण करते थे। कोईराला परिवार के लोग भी काशी में रहे हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 27, 2026, 00:08 IST
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