यूपी के इस गांव की रावण से है पहचान: दशहरे पर नहीं होता दहन; मां मनसा देवी मंदिर से भी जुड़ी है अनूठी मान्यता

देशभर में जहां दशहरे पर रावण के पुतले का दहन किया जाता है, वहीं बागपत के बड़ागांव में परंपरा अलग है। यहां दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता, बल्कि ग्रामीण लंकापति रावण को पूजनीय मानते हैं। गांव की पहचान भी इसी मान्यता से जुड़ी है। गांव का नाम रावण उर्फ बड़ागांव है। गांव में स्थित प्राचीन मां मनसा देवी मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां कई देशों से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर पर कुछ समय पहले नेपाल के सांसद भी दर्शन करने पहुंचे थे। बड़ागांव निवासी मास्टर देवेंद्र कुमार बताते हैं कि गांव में रावण का पुतला दहन नहीं करने की परंपरा उनके बुजुर्गों के समय से चली आ रही है। ग्रामीण रावण को पूजनीय मानते हैं। यही वजह है कि दशहरे पर देश के दूसरे हिस्सों की तरह यहां रावण दहन नहीं होता। गांव की यह परंपरा इसे अलग पहचान देती है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 20, 2026, 14:08 IST
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