US: ट्रंप बोले- तेजी से नष्ट की जा रही ईरानी मिसाइलें-लॉन्चर, ओबामा के परमाणु समझौते को क्यों बताया बुरा सौदा?
दुनियाभर में जहां एक ओर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विकचिंता सातवें आसमान पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस मेंराउंडटेबल के दौरान इस संघर्ष से संबंधित मामलों पर बातचीत की। साथ ही अमेरिकी सेना की जमकर तारीफ भी की। ट्रंप ने कहा किअमेरिका ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरीमें बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। ट्रंप ने इसे 10 में से 15 रेटिंग दी और कहा कि अमेरिकी सेना ने युद्ध के शुरुआती दिनों में अपेक्षाओं से भी बेहतर प्रदर्शन किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना की तरफ से ईरान के मिसाइल और लॉन्चर तेजी से नष्ट किए जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी जिक्र किया और उनके परमाणु समझौते को सबसे बुरा सौदा बताया। साथ ही कहा किईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका मजबूत स्थिति में है और आगे भी मजबूती से आगे बढ़ेगा। उन्होंने ईरान को अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बतायाऔर कहा किअमेरिका की सेना दुनिया की सबसे ताकतवर है। ये भी पढ़ें:-पश्चिम एशिया संकट: हिंद महासागर में अमेरिका ने डुबोया ईरानी युद्धपोत, बढ़ता टकराव भारत के लिए चिंताजनक कैसे ट्रंप ने ओबामा के परमाणु समझौता को लेकर क्या कहा ट्रंप ने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका के लिए बड़ा खतरा रहा है और उसने कई अमेरिकी नागरिकों को मार डाला। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के परमाणु समझौते को अब तक का सबसे बुरा सौदा बताया। उनका कहना था कि उस समझौते में ईरान को सब कुछ मिल गया, यहां तक कि परमाणु हथियार बनाने का रास्ता भी। ट्रंप ने जोर दिया कि अब अमेरिकी सेना तेजी से ईरानी मिसाइलें और उनके लॉन्चर नष्ट कर रही है। उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा किअगर उन्मादी लोगों के पास परमाणु हथियारों होंगे, तो बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब सुरक्षित स्थिति में है और आगे भी इसी तरह मजबूती से कदम बढ़ाएगा। ये भी पढ़ें:-क्या दरकने लगा MAGA का तिलिस्म: ईरान में बमबारी पर US में ट्रंप की आलोचना, पश्चिम एशिया पर किसने क्या कहा एआई डेटा केंद्र और ऊर्जा मांग परट्रंप की चेतावनी इस दौरान ट्रंप ने एआई डेटा और ऊर्जा मांग को लेकर कड़े टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी।राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि एआई डेटा सेंटरों और नए बड़े उद्योगों के कारण अमेरिका में ऊर्जा की मांग भविष्य में तीन गुना से ज्यादा बढ़ सकती है। इससे बिजली के बिल बढ़ने की चिंता है। उन्होंने कहा कि कई विदेशी कंपनियां कनाडा, मेक्सिको, जर्मनी, जापान और दक्षिण कोरिया से अमेरिका आ रही हैं और कारें और चिप्स फिर से बन रही हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर कंपनियां अमेरिका छोड़कर अन्य देशों में बनीं और फिर अमेरिका में बेचें तो उन पर 100%, 200% या 300% तक टैरिफ लगाया जाना चाहिए। वेनेजुएला के साथ तेल सहयोग और तारीफ इसके साथ ही ट्रंप ने अपने बयान में वेनेजुएला का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा किवेनेजुएला के साथ सहयोग अच्छा चल रहा है। उनका कहना है कि वेनेजुएला में तेल फिर से बहने लगा है और यह अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लिए लाभदायक है। ट्रंप ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की तारीफ करते हुए कहा कि वे अच्छा काम कर रही हैं और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ सहयोग भी बेहतर हो रहा है। पश्चिम एशिया में जारीयुद्ध की स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के कई शहरों में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए। ईरान ने भी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें अमेरिका के ठिकानों और पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों को निशाना बनाया गया। इससे पश्चिम एशियामें तनाव और बढ़ गया और आम नागरिकों व प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ा।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 05, 2026, 03:42 IST
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