पठानकोट में हैवानियत, नवजात को जलाने की कोशिश, एसएसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित परिवार

जिले के हलका भोआ में एक नवजात के साथ हैवानियत देखने को मिली है। जहां उक्त बच्चे को जिंदा जलाने की कोशिश की गई। हालांकि गांव निवासियों ने घर से धुंआ निकलते देख तुरंत बच्चे को बचाया। इस घटना में बच्चे के पांव बुरी तरह जल गए। वहीं, जब बच्चे का पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचा तो उनकी सुनवाई नहीं हुई। आज पीड़ित परिवार बच्चे सहित एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों के समक्ष पेश हुए और बच्चे के साथ हैवानियत बरतने वाली महिला पर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित युवक मनदीप सिंह गांव भोआ का आरोप है कि उसकी पत्नी ने पहले भी एक बच्चे को जलाकर मार दिया था। अब उसके घर दूसरा बच्चा हुआ था और दस दिन के नवजात को महिला ने आग लगाकर मारने की कोशिश की। आए दिन घर में कलाह रहने लगा। जब पत्नी से पूछा कि बच्चे को आग कैसे लगी तो कहने लगी कि उसने कुछ नहीं किया। अपनी शिकायत लेकर जब पुलिस स्टेशन सदर पहुंचे तो वहां भी उन्हें इंसाफ नहीं मिला। आज वे मजबूर होकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे है और बच्चे के साथ हैवानियत करने वाले पर कार्रवाई की मांग की है। एसपी सुखविंदर पाल सिंह ने कहा कि बच्चे को जलाने का मामला उनके ध्यान में आया है जो बहुत ही मंदभागी घटना है। इस मामले में कार्रवाई संबंधी डीएसपी रूरल की डयूटी लगाई गई है। अगर पुलिस थाना सदर के अधिकारी तरफ से भी मामले में लापरवाही बरती गई है तो उन पर भी बनती कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दूसरा बच्चे को जलाने में कहीं महिला आरोपी पाई जाती है तो सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 23, 2026, 14:30 IST
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