कानपुर: बिठूर से सीएम योगी का संबोधन, विरासत और महर्षि वाल्मीकि के योगदान का किया उल्लेख
कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर बिठूर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि जयंती पर अवकाश घोषित करते हुए मंदिरों में महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए आयोजन किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि बिठूर विरासत की पावन भूमि है। इस धरती ने महर्षि वाल्मीकि की साधना और तप को देखा है। यहीं रामायण की रचना हुई और माता सीता को सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि जहां नारी की अस्मिता का सम्मान होता है, वहीं लव-कुश जैसे बालक शौर्य का परिचय देते हैं। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने बिठूर के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में नाना साहब ने अंग्रेजों को चुनौती दी। रानी लक्ष्मीबाई के बचपन का भी इस क्षेत्र से जुड़ाव रहा है। सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और धार्मिक स्थलों के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, शबरी माता और निषादराज से जुड़े मंदिर भी हैं। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि विरासत का सम्मान कैसे होता है, यह देश ने देखा है। अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 26, 2026, 09:24 IST
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