कैथल में हड़ताल के चलते इंतकाल, फर्द व अन्य कार्य हो रहे प्रभावित
अपनी मांगों को लेकर पटवारियों व कानूनगो का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। हड़ताल के चलते इंतकाल, फर्द व अन्य कार्य प्रभावित हो गए। पटवारियों के काम न करने के कारण राजस्व से जुड़े कार्य, जैसे नामांतरण (इंतकाल), जमाबंदी, डोमिसाइल रिपोर्ट, नक्शा/निशानदेही, प्रमाणपत्र बनना आदि रुके हुए हैं, जिससे आम लोगों को तहसील कार्यालयों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग दूर दराज से पटवार भवन में हर रोज आ रहे हैं लेकिन पटवार भवन में ताला लगा हुआ है। सभी पटवारी धरना स्थल पर बैठे हुए हैं। ऐसे में लोगों को निराश होकर वापस खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पटवारियों का कहना है कि हाल ही में सरकार ने राज्य के छह पटवारियों को निलंबित कर दिया है जिसमें जींद, कुरुक्षेत्र, दादरी व अन्य जिलों के पटवारी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसल गिरदावरी/क्षतिपूर्ति के दौरान फोटोग्राफी अपलोड करते समय ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर एक ही फोटो को कई अलग-अलग खसरा नंबरों पर डाला है जिसे प्रशासन ने अनियमितता माना और मुख्यमंत्री ने इन पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दे दिए।पटवारियों ने सरकार को आखिरी चेतावनी दी है कि अगर उनकी मुख्य मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना सुबह से शाम तक चला। जिसका सरकारी राजस्व कार्यों पर असर पड़ा है। पटवारी संघ का तर्क पटवारी संघ का कहना है कि बाढ़ जैसे कठिन हालात में फील्ड वर्क करना बेहद चुनौतीपूर्ण था और कई एकड़ जमीन पर हर जगह अलग-अलग फोटो लेना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया है कि सिर्फ इन्हीं छह पटवारियों को सस्पेंड करना अन्याय है। इसी तरह का काम विभाग के अन्य कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों की ओर से भी किया गया है, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 03, 2026, 17:21 IST
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