कानपुर: रील्स के जरिए जेन-जी को मेले से जोड़ेंगे, संस्कृति से जोड़ने पर जोर

हिंदू आध्यात्मिक सेवा मेले में इस बार जेन-जी की भागीदारी बढ़ाने पर खास जोर रहेगा। 26 से 30 नवंबर तक ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में होने वाले मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में युवाओं को केंद्र में रखकर आयोजन की रूपरेखा तय की गई। युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए इंस्टाग्राम रील्स और सोशल मीडिया को प्रचार का प्रमुख माध्यम बनाया जाएगा। मेले से जुड़े कार्यक्रमों, संदेशों और गतिविधियों की रील्स बनाकर युवाओं तक पहुंचाने की तैयारी है। हिंदू मेले से जुड़े कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सीएसजेएमयू के यूआईईटी हॉल में हुआ।कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए उन्हें केवल दर्शक नहीं, बल्कि आयोजन का सक्रिय हिस्सा बनाना जरूरी है। इसी के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी और अध्यक्षता विद्यार्थियों को सौंपने का निर्णय लिया गया है। मेले में जनसांख्यिकी से जुड़े आंकड़ों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें देर से विवाह, घटती जन्मदर और बदलती जनसंख्या संरचना के युवाओं और देश के भविष्य पर प्रभाव को प्रमुखता से रखा जाएगा। इसके अलावा विदेशों में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान होगा। अहमदाबाद मेले में चर्चित रहे तत्वम कार्यक्रम और प्रेरक लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग भी कानपुर में होगी। कार्यशाला में करीब 250 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत सिंह कोठारी, सोमकांत शर्मा, प्रांत प्रचारक श्रीराम, प्रांत संघ चालक भवानी भीख, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, डॉ. वंदना पाठक राजकुमार लोहिया, डॉ. अरविंद दीक्षित, डॉ. उमेश पालीवाल समेत अन्य मौजूद रहे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 04, 2026, 17:49 IST
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