Karnaprayag: रद्दी न हो जाए ज्ञान, इसके लिए चलाया पुस्तक वितरण अभियान

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने इन दिनों नि:शुल्क पुस्तक वितरण का अभियान चलाया है। जिसमें अकेले चमोली और रूद्रप्रयाग में सात हजार से अधिक पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण किया जा चुका है। जबकि हजारों किताबें महाविद्यालयों के पुस्ताकालयों में दी जा चुकी हैं। इस अभियान के पीछे किताबें रद्दी नहीं करने की मंशा है। कर्णप्रयाग स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय है। इसके अधीन चमोली और रूद्रप्रयाग के 10 महाविद्यालय है। जहां उमुविवि के विभिन्न्न कोर्स संचालित होते हैं। इन सेंटरों में उमुविवि की कोर्स की किताबें पंजीकृत छात्रसंख्या के आधार पर आती हैं। लेकिन विवि के तहत पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने किताबें नहीं ली। ऐसे में हजारों किताबें सेंटरों के गोदामों में पड़ी रही। इन किताबों को रद्दी में देने के बजाया विवि ने पुस्तक मेलों एवं अन्य मेलों में स्टॉल लगाने का प्लान बनाया। और इसे अभियान के तौर पर लिया। गौचर मेले में भी उमुविवि स्टॉल लगाया। सात दिनों में इस स्टॉल से 1400 किताबों का वितरण किया। उमुविवि के क्षेत्रीय निदेशक डा. आरसी भट्ट और क्षेत्रीय सहायक निदेशक प्रियंका लोहनी ने बताया कि गोपेश्वर में 2 हजार, अगस्त्यमुनि में 1500, सहित कर्णप्रयाग में 1700 से अधिक नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण स्टॉल और मेलों के माध्यम से हुआ। वहीं अन्य महाविद्यालयों में संचालित लाइब्रेरी एवं अन्य तरीको से अब तक कुल सात हजार से अधिक पुस्तकों का वितरण क्षेत्रीय कार्यालय के तहत किया जा चुका है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 27, 2025, 20:01 IST
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