दशहरा 2026: विजयादशमी पर शस्त्र पूजा और शमी के पेड़ की पूजा क्यों होती है ? जानिए धार्मिक महत्व

दशहरा का त्योहार सनातन धर्म में बहुत ही खास महत्व रखता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर विजयादशमी का त्योहार बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर ही भगवान राम ने रावण का वध किया था, इसके अलावा देवी दुर्गा ने दशमी तिथि पर महिषासुर का अंत किया था। दशहरा पर कई तरह की मान्यताएं निभाई जाती हैं जिसमें शस्त्र पूजा और शमी वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में आइए जानते हैं विजयादशमी पर क्यों होती है शस्त्रों और शमी के पेड़ की पूजा। भगवान राम ने किया था शमी के पेड़ की पूजा हिंदू धर्म में शमी के पेड़ को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके और लंका पर विजय हासिल करने के बाद शमी के पेड़ की पूजा की थी। इस कारण से दशहरा पर शमी के पेड़ की पूजा और इसके पत्तों से जुड़े कुछ उपाय करने की परंपरा होती है। पांडवों ने शमी के पेड़ पर छिपाए थे अपने अस्त्र-शस्त्र इसके अलावा एक दूसरी धार्मिक मान्यता है जिसके अनुसार महाभारत के समय पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान शमी के पेड़ में ही अपने अस्त्र-शस्त्र छिपाए थे। जब महाभारत युद्ध हुआ तो इसी अस्त्र-शस्त्र से पांडवों ने कौरवों को परास्त किया था। इसी वजह से दशहरा पर हर वर्ष शमी के पौधे की पूजा करने का महत्व होता है। दशहरा पर शस्त्र पूजा का महत्व दशहरा पर हर वर्ष शस्त्र पूजा का विधान होता है। सनातन धर्म में शस्त्र को न केवल हथियार माना जाता है बल्कि यह साहस, पराक्रम, शक्ति, आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा का प्रतीक होता है। जब-जब अन्याय होता है और अर्धम बढ़ जाता है तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्रों का प्रयोग किया जाता है। विजयादशमी पर सेना और सुरक्षा से जुड़े संस्थानों में शस्त्रों की पूजा होती है। शस्त्रों की पूजा के पीछे भगवान राम और मां दुर्गा की विजय विजयादशमी का पर्व अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाए जाने वाला त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने रावण का वध करने से पहले शस्त्रों की पूजा की थी। वही एक दूसरी कथा है जिसमें मां दुर्गा ने अपनी शक्ति और शस्त्रों से महिषासुर का वध किया था। तब सभी देवी-देवताओं ने मिलकर मां दुर्गा के शस्त्रों की पूजा की थी। तभी से हर वर्ष दशहरा पर शस्त्रों की पूजा का विधान होता है। दशहरा 2026: जानें विजयादशमी का शुभ मुहूर्त, पान खाने और नीलकंठ दर्शन का महत्व विजयादशमी 2026: दशहरे पर क्यों होती है शस्त्र पूजा जानें कब है पूजा का मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 19, 2026, 17:34 IST
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