ईरान से जंग में इस्राइल की मुश्किलें: हर हफ्ते अरबों डॉलर का नुकसान, अर्थव्यवस्था कैसे बना चिंता का विषय?

ईरान के साथ जारी युद्ध के कारण इस्राइल की अर्थव्यवस्था को हर सप्ताह भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस्राइल के वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि मौजूदा प्रतिबंधों के कारण देश की अर्थव्यवस्था को हर हफ्ते लगभग 9.4 अरब शेकेल (करीब 3 अरब डॉलर) का नुकसान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय के महानिदेशक इलान रोम ने होम फ्रंट कमांड के प्रमुख मेजर जनरल शाई क्लैपर को पत्र लिखकर आर्थिक गतिविधियों पर लगे कड़े प्रतिबंधों में ढील देने की मांग की है। उन्होंने कहा, सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बंद रखना बेहद महंगा साबित हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों से सुरक्षा जरूरतों और युद्ध के असर के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर पहले ही भारी बोझ पड़ा है। ऐसे में अब ऐसा समाधान तलाशना जरूरी है, जिससे सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों दोनों का संतुलन बना रहे। दरअसल, पिछले सप्ताह शनिवार को इस्राइल व अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद इस्राइली रक्षा बलों के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश में सख्त दिशानिर्देश लागू कर दिए थे। इसके तहत सभी तरह की सार्वजनिक सभाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और गैर-जरूरी कार्यस्थलों को बंद करने का आदेश दिया गया था। इन नियमों के तहत लोगों की काम पर आने-जाने की आवाजाही सीमित कर दी गई है और घर से काम करने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं। ये भी पढ़ें:-'हथियार डाल दें, नहीं तो मौत तय': ईरानी IRGC-सेना और पुलिस को ट्रंप का अल्टीमेटम, राजनयिकों से बड़ी अपील भी की ईरान के नए सर्वोच्च नेता का चुनाव अब तक नहीं ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत स्थित प्रतिनिधि अयातुल्ला डॉक्टर अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने साफ किया कि अयातुल्ला अली खामनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने उन मीडिया रिपोर्ट को गलत बताया, जिनमें दावा किया गया था कि खामनेई के बेटे मुजतबा खामनेई को नया नेता चुन लिया गया है। इलाही ने कहा, 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स इस पद के लिए योग्य उम्मीदवार की तलाश कर रही है और मुजतबा खामनेई भी इनमें हैं, लेकिन उनका चयन योग्यता के आधार पर होगा, न कि खामनेई का बेटा होने के नाते। ये भी पढ़ें:-ईरानी हथियार से पस्त हुए US और खाड़ी देश: जेलेंस्की से मांगनी पड़ी मदद, पश्चिम एशिया युद्ध में कूदेगा यूक्रेन अजरबैजान ने जताया विरोध अजरबैजान ने कहा, ईरान का हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। इस घटना को लेकर ईरान के राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध जताया गया है। साथ ही, तेहरान से इस घटना पर जल्द से जल्द स्पष्टीकरण देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। वहीं सऊदी अरब ने कहा कि जॉर्डन से लगती उसकी सीमा पर उसने ड्रोन हमले को विफल कर दिया। अयातुल्ला अमोली ने ट्रंप का खून बहाने का किया आह्वान ईरान के बड़े धार्मिक नेता अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी अमोली ने सरकारी टेलीविजन पर यहूदियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खून बहाने का आह्वान किया। शिया धर्मगुरुओं में सर्वोच्च पदों में से एक, अयातुल्ला की ओर से हिंसा के लिए किए गए इस आह्वान में उन्होंने कहा, दमनकारी अमेरिका से लड़ो।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 06, 2026, 06:40 IST
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