WEF 2026 Highlights: भारत में निवेश के बंपर मौके, आंध्र-कर्नाटक से लेकर गुजरात तक बड़ी कंपनियों के रडार पर
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक 2026 के दौरान भारत के राज्यों ने वैश्विक निवेशकों के सामने अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और झारखंड के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों ने दावोस में दुनिया की दिग्गज कंपनियों के साथ चर्चा की हैं। इस बार का फोकस पारंपरिक उद्योगों से हटकर ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्टेनेबिलिटी पर है। यहां पढ़ें दावोस 2026 में भारतीय राज्यों की प्रमुख उपलब्धियों और निवेश वार्ताओं का पूरा सार। जानिए किस राज्य ने क्या सफलता पाई। आंध्र प्रदेश: ब्रुकफील्ड के साथ 12 अरब डॉलर की साझेदारी पर काम तेज आंध्र प्रदेश सरकार ने निवेश के मामले में आक्रामक रुख अपनाया है। राज्य के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री नारा लोकेश ने ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंटके साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया है। • 12 अरब डॉलर का विजन: राज्य सरकार विशाखापत्तनम में आयोजित सीआईआई साझेदारी शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित 12 अरब डॉलर के समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अगले कदमों में तेजी ला रही है। • फोकस एरिया: चर्चा का मुख्य केंद्र विशाखापत्तनम में ब्रुकफील्ड का गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर कैंपस है, जो क्लीन एनर्जी से संचालित होगा। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग पर भी बात हुई है। • सरकार का बयान: आंध्र नारा लोकेश ने कहा कि ब्रुकफील्ड जैसी ग्लोबल पावरहाउस का आंध्र पर भरोसा जताना राज्य की क्षमता को दर्शाता है। यह साझेदारी गति, पैमाने और स्थिरता पर आधारित है। कर्नाटक: रिन्यू पावर और जाइलम के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चर्चा कर्नाटक के भारी और मध्यम उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने रिन्यू पावर, जाइलम इंक और ऑक्टोपस एनर्जी के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन चर्चाओं का उद्देश्य राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी और जल अवसंरचना को आधुनिक बनाना है। • जल प्रबंधन: न्यूयॉर्क स्थित जाइलम इंक ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र स्थापित करने में रुचि दिखाई है। कंपनी पानी की आपूर्ति को किफायती बनाने के लिए एक विस्तृत अध्ययन भी करेगी। • स्मार्ट ग्रिड: ऑक्टोपस एनर्जी के साथ 'व्हीकल-टू-ग्रिड' (V2G) तकनीक पर चर्चा हुई, जिससे उपभोक्ताओं को लागत में काफी फायदा हो सकता है। गुजरात: धोलेरा और गिफ्ट सिटी को बताया 'बेस्ट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन' गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने राज्य की 'नीति-संचालित शासन' और स्थिरता को निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बताया। फिनटेक और डेटा हब: संघवी ने कहा कि धोलेरा स्मार्ट सिटी डेटा सेंटर्स के लिए और गिफ्ट सिटी फिनटेक कंपनियों के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन जगह बनकर उभरी है। नई सोच: उन्होंने कहा कि गुजरात केवल एमओयू के पीछे नहीं भाग रहा, बल्कि एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस जैसे नए क्षेत्रों में अवसरों तलाश रहा है। उन्होंने कहा कि धोलेरा में सस्टेनेबल एनर्जी वाले डेटा पार्क स्थापित करने का विश्व में इससे बेहतर विकल्प नहीं है। झारखंड: खनन से आगे बढ़कर ग्रीन एनर्जी की ओर पहली बार डब्ल्यूईएफ में हिस्सा ले रहे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की छवि बदलने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण की कीमत पर नहीं। नया रोडमैप: सोरेन ने कहा कि झारखंड पारंपरिक रूप से खनन क्षेत्र पर केंद्रित रहा है, लेकिन अब सरकार ग्रीन एनर्जी और स्किल डेवलपमेंट जैसे समानांतर विकास के अवसरों को तलाश रही है। संतुलित विकास: सीएम ने जोर देकर कहा कि 2050 तक राज्य के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार है, जो औद्योगीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के बीच संतुलन बनाए रखेगा। दावोस 2026 में भारतीय राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। चाहे वह आंध्र प्रदेश की डेटा सेंटर क्रांति हो, कर्नाटक का जल प्रबंधन मॉडल, गुजरात की पॉलिसी स्टेबिलिटी या झारखंड का ग्रीन ट्रांजिशन- सभी राज्य 'नए भारत' की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 21, 2026, 13:29 IST
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