West Asia Crisis: ऊर्जा संकट के बीच अमेरिकी एलपीजी जहाज मंगलूरू पोर्ट पहुंचा, आपूर्ति में भारत को बड़ी राहत
पश्चिम एशिया में पिछले 23 दिनों से जारी संघर्ष का बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर देखने को मिल रहा है। इसी बढ़ते संकट के बीच अमेरिकी एलपीजी कार्गो जहाज पिक्सिस पायनियर रविवार को न्यू मंगलूरूपोर्ट पर पहुंचा। अधिकारियों ने बताया किजहाज ने 14 फरवरी को टेक्सास के पोर्ट ऑफनेदरलैंड से यात्रा शुरू की थी और इसमें 16714 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स में उतारा जाएगा। ये भी पढ़ें:-West Asia: पश्चिम एशिया संकट को लेकर PM मोदी करेंगे उच्च स्तरीय बैठक, ऊर्जा-खाद की आपूर्ति पर हो सकती है चर्चा बता दें कि यह जहाज उस रूसी जहाज एक्वा टाइटन के ठीक एक दिन बाद पहुंचा, जो पहले चीन जा रहा था लेकिन कुछ दिन पहले भारत की तरफ मोड़ दिया गया। इसमें 7.7 लाख बैरल क्रूड ऑयल था, जिसे ऑफशोर पाइपलाइन के जरिए मंगलूरू रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) तक पहुंचाया जा रहा है। यह पाइपलाइन तट से 12 नॉटिकल मील दूर स्थित जेट्टी से जुड़ी है। ये भी पढ़ें:-बंगाल: कांग्रेस का पुराना गढ़ कैसे बना ममता बनर्जी का अभेद्य किला, जानें कैसा है भवानीपुर की हॉट सीट का इतिहास मंगलूरू पोर्ट के बारे में जानिए मंगलूरूमें भारत की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड एलपीजी स्टोरेज सुविधा भी है। यह स्टोरेज समुद्र तल से 225 मीटर नीचे स्थित है और इसकी क्षमता 80,000 मीट्रिक टन है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और रूस से लगातार आपूर्ति मिलने से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और घरेलू एलपीजीस्टॉक को बनाए रखना आसान होगा। इस पूरी स्थिति से यह साफहोता है कि युद्ध और वैश्विक संकट के बीच भी भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी के साथ काम कर रहा है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 22, 2026, 12:07 IST
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