West Asia: नेतन्याहू बोले- गाजा-लेबनान-सीरिया में तैनात रहेगी IDF; ट्रंप ने समझौते को बताया शक्तिशाली दस्तावेज
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहयोगी देशों से समर्थन हासिल करने की उम्मीद के साथ जी7 शिखर सम्मेलन मेंपहुंचे हैं। हालांकि उनके रवैये को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि वह पूरी तरह सहयोगी भावना से बातचीत करेंगे या नहीं। रासमुसेन कंसल्टेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्व नीति योजनाकार फैब्रिस पोथियर के अनुसार, ट्रंप के पास ईरान युद्ध को लेकर किसी तरह का राजनीतिक समाधान मौजूद है, इसलिए वह अब यूरोपीय और जी7 देशों का पूरा समर्थन चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाह सकता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापार के लिए खुला रखने में उसे परिचालन स्तर पर भी सहयोग मिले। पोथियर ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि यह स्थिति जी7 देशों और अमेरिका के बीच पिछले छह महीनों से चले आ रहे तनाव के बाद संबंधों में सुधार का मौका बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के पास जी7 में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह पूरी तरह सहयोगी भावना से काम करेंगे या यह स्वीकार करेंगे कि यूरोपीय सहयोगी और अन्य जी7 देश उस युद्ध में शामिल होने से हिचकिचा रहे हैं, जिसे बिना उन्हें पूरी जानकारी दिए शुरू किया गया था।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 16, 2026, 02:03 IST
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