Explainer: क्या है क्लोजिंग ऑक्शन सेशन? शेयर बाजार में क्यों बदला कारोबार का तरीका, निवेशकों पर क्या होगा असर

भारतीय शेयर बाजार में हाल के वर्षों का बड़ा परिचालन बदलाव हुआ है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने पात्र फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) शेयरों के लिए सोमवार से क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (सीएएस) की शुरुआत की है। नया ढांचा इन शेयरों के बंद होने की कीमत तय करने के तरीके बदल देगा और इक्विटी डेरिवेटिव्स (एफएंडओ) ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़ा देगा। आइए जानते हैयह नया सिस्टम कैसे काम करेगा, क्यों लाया गया है और इसका छोटे निवेशकों व इंट्राडे ट्रेडर्स पर क्या असर पड़ेगा निवेशकों के लिए क्या बदला अब तक किसी शेयर की क्लोजिंग प्राइस रेगुलर ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट के दौरान हुए सभी सौदों की वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (वीडब्ल्यूएपी) के आधार पर तय की जाती थी। लेकिन, अब सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की शुरुआत की है। सेबी के सर्कुलर के मुताबिक, शुरुआत में यह नियम उन्हीं शेयरों पर लागू होगा, जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं। बाकी सभी शेयर मौजूदा 30 मिनट वाले वीडब्ल्यूएपी फॉर्मूले पर ही काम करेंगे। क्यों हुआ बदलाव इसका मुख्य उद्देश्य क्लोजिंग प्राइस को बाजार की वास्तविक मांग और आपूर्ति का सटीक प्रतिनिधि बनाना है। बंद होने के समय सभी खरीदारों और बिकवालों को एक मंच पर लाकर यह ऑक्शन लिक्विडिटी सुधारने, बड़े ऑर्डर्स को आसानी से पूरा करने और एक मजबूत क्लोजिंग प्राइस तय करने में मदद करेगा। इसका मकसद उस हेराफेरी को रोकना है, जहां आखिरी कुछ मिनटों में बड़े सौदे डालकर शेयरों और इंडेक्स के क्लोजिंग स्तर को कृत्रिम रूप से प्रभावित किया जाता था। ऐसे काम करेगा क्लोजिंग ऑक्शन सेशन दोपहर 3:00 से 3:15 बजे तक: एक्सचेंज हर पात्र शेयर के पिछले ट्रेड्स का वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस कैलकुलेट करेंगे। दोपहर 3:15 बजे: रेगुलर ट्रेडिंग बंद होगी और शेयर क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में चले जाएंगे। दोपहर 3:15 से 3:20 बजे तक: अगले 5 मिनट तक नए ऑर्डर स्वीकार नहीं होंगे। दोपहर 3:20 से 3:25 बजे तक: निवेशक मार्केट और लिमिट दोनों तरह के ऑर्डर दर्ज कर सकते हैं। दोपहर 3:25 से 3:30 बजे: सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही दिए जा सकेंगे। पहले से दर्ज मार्केट ऑर्डर्स में बदलाव या उन्हें रद्द नहीं किया जा सकेगा। रैंडम क्लोजर: आखिरी सेकंड्स में ऑर्डर्स की बाढ़ रोकने के लिए ऑर्डर एंट्री का विंडो दोपहर 3:28 से 3:30 बजे के बीच कभी भी बंद हो जाएगा। दोपहर 3:30 से 3:35 बजे तक: नए ऑर्डर बंद हो जाएंगे और एक्सचेंज ऑर्डर्स की मैचिंग शुरू करेंगे। सभी सफल सौदे एक ही संतुलित कीमत पर निष्पादित होंगे, जो शेयर का आधिकारिक क्लोजिंग प्राइस बनेगा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 04, 2026, 06:37 IST
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