BJP: नितिन नबीन की अध्यक्षता में कैसी होगी बीजेपी की टीम? दिग्गजों की राजनीतिक पारी पर सस्पेंस

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 20 जनवरी को औपचारिक तौर पर पार्टी की कमान संभाल सकते हैं। इसके साथ पार्टी संगठन में व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है। लेकिन इस बात पर कयासबाजी तेज हो गई है कि नितिन नबीन की नई टीम कैसी होगी। इसमें युवाओं को प्राथमिकता मिल सकती है, लेकिन पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका क्या होगी, इसको लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है। नितिन नबीन 20 जनवरी को अध्यक्ष के तौर पर अपनी पारी शुरू करेंगे। भाजपा के संविधान के अनुसार वे तीन साल तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक होगा। लेकिन अप्रैल-मई 2029 में अगला आम चुनाव भी होगा। इतने अहम चुनाव के ठीक पहले भाजपा अपने अध्यक्ष पद पर कोई बदलाव नहीं करना चाहेगी। इसलिए अभी से इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा नितिन नबीन के कार्यकाल में विस्तार देकर उन्हीं की अध्यक्षता में ही अगला आम चुनाव लड़े। ऐसे में भाजपा हर समीकरण बिठाते हुए एक जिताऊ टीम के साथ आगे बढ़ने की रणनीति अपना सकती है। वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के मामले में पार्टी ऐसा कर चुकी है। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले अपना कार्यकाल समाप्त कर चुके नड्डा को सेवा विस्तार देकर उन्हीं की अध्यक्षता में आम चुनाव लड़ा गया था। नितिन नबीन के मामले में भी ऐसा किया जा सकता है। ये भी पढ़ें:Gujarat:अरविंद केजरीवाल के कार्यक्रम की अनुमति रद्द, AAP का गुजरात की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र पर हमला का आरोप युवाओं को बड़ी भागीदारी का भरोसा नितिन नबीन अनुराग ठाकुर की भाजपा की युवा मोर्चा की टीम में उनके सहयोगी के तौर पर काम कर चुके हैं। ऐसे में उनके साथ युवा मोर्चे में काम कर चुके कार्यकर्ताओं को लग रहा है कि संगठन में उनका दायित्व भी बढ़ाया जा सकता है। नितिन नबीन स्वयं अपने भरोसेमंद साथियों को साथ लाकर बेहतर परिणाम देने की कोशिश करेंगे। ऐसे में उनके साथ काम कर चुके लोगों की किस्मत खुल सकती है और संगठन में उन्हें अधिक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जा सकता है। अनुभवी नेताओं को अहम मोर्चे पर उतारेगी भाजपा भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अमर उजाला से कहा कि नितिन नबीन की सबसे बड़ी कठिन परीक्षा यही होगी कि वे पार्टी की जीत की लय बनाए रखें। अगले वर्ष 2027 में ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे अहम राज्यों में विधानसभा के चुनाव होंगे। इन राज्यों में पहले से ही भाजपा की सरकारें काम कर रही हैं। ऐसे में इन सभी राज्यों में लंबे एंटी इनकमबेंसी फैक्टर से उबरते हुए जीत हासिल करना नितिन नबीन के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा 2027 में पंजाब में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। 40 प्रतिशत के करीब हिंदू आबादी वाले इस राज्य में भाजपा अब तक सीमित सफलता ही हासिल कर पाई है। यहां पार्टी की दावेदारी मजबूत करना नितिन नबीन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। ये भी पढ़ें:BMC:'शिंदे भी नहीं चाहते भाजपा का मेयर, होटल बना जेल', बीएमसी महापौर पर संजय राउत के बयान से बढ़ा सस्पेंस इस वर्ष असम में भी विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। यहां भी भाजपा की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार सत्ता में है। कई राष्ट्रीय परिस्थितियों में इस बार असम में ध्रुवीकरण तेज होने की संभावना है। ऐसे में असम में जीत हासिल करना भी नितिन नबीन के लिए महत्त्वपूर्ण रहेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में भाजपा की साख दांव पर है। नितिन नबीन इन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे, इसके लिए उन्हें एक मजबूत टीम की दरकार होगी। भाजपा नेता के अनुसार, ऐसे में नितिन नबीन योग्य, अनुभवी और मेहनतकश नेताओं को अपने साथ रखने की कोशिश करेंगे। सरकार और संगठन में बेहतर तालमेल इस बात की भी चर्चा है कि पार्टी केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार में काम कर रहे कुछ मंत्रियों को संगठन में लाकर अहम जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं, संगठन में लंबे समय से काम कर रहे कुछ नेताओं को सरकार में भेजा जा सकता है। अहम चुनावों को देखते हुए पार्टी और सरकार में जातिगत-क्षेत्रीय समीकरण बिठाने की भी कोशिश की जा सकती है। संबंधित वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 18, 2026, 14:56 IST
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