Una News: मजदूर से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक की जिम्मेदारी निभा रहीं महिलाएं
मैहतपुर (ऊना)। 2016 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी डाॅ. आकृति शर्मा एक प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखती हैं। पिता पुलिस विभाग में उपमहानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए जबकि इनकी माता डॉ. मीना शर्मा संस्कृत विषय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। पति डॉ. सुमित संगत पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में प्रशासन विभाग में सीनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत हैं। चिकित्सा विभाग में सेवाएं देते हुए अचानक से ऐसा कुछ हुआ कि डाॅ. आकृति पुलिस विभाग में चली गईं। आकृति शर्मा बताती है कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज, टांडा ( कांगड़ा ) से एमबीबीएस की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ( आईजीएमसी ) शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में भी सेवाएं दीं। पिता चूंकि पुलिस विभाग में थे, उनसे प्रेरणा मिली और पुलिस विभाग में आ गईं। प्रशिक्षण के बाद थाना प्रभारी सदर पुलिस स्टेशन हमीरपुर में कार्यभार संभाला। 2018 से 2020 तक वह असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एएसपी) कांगड़ा के पद पर रहीं। कोविड-19 महामारी को चुनौती की तरह लिया और लोगों में निरंतर समर्पण भाव से कार्य करते हुए कांगड़ा पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करते हुए अनेक लोगों की सहायता की। 2020 से 2021 तक प्रथम भारतीय रिज़र्व बटालियन बनगढ़ में कमांडेंट के रूप में कार्य किया। 2021 से 2024 तक हमीरपुर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) रहीं। कानून-व्यवस्था के साथ साथ नशा विरोधी अभियान चलाया, स्कूलों व कॉलेजों में जाकर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। फरवरी 2024 से समादेशक प्रथम भारतीय आरक्षित वाहिनी बनगढ़ के पद पर कार्यरत हैं, हिमाचल प्रदेश पुलिस की मीडिया अधिकारी के रूप में भी कार्य कर रही हैं और हिमाचल प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया एवं जनसंपर्क कार्यों का पर्यवेक्षण कर संगठन की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ बनाने में योगदान दे रही हैं।हर महिला शक्तिशाली है और सम्मान की हकदार : अनुपम सूदनगर परिषद मैहतपुर बसदेहड़ा निवासी अनुपम सूद पत्नी विवेक सूद कहती हैं कि आज मेरे पति अब मेरे साथ नहीं हैं लेकिन उन्होंने मुझे मजबूत और सक्षम बनाया। उनकी वजह से आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हो पाई हूं। मैं अपने बच्चों की परवरिश ठीक से कर पा रही हूं और उनकी पढ़ाई का सहारा बनी हूं। मेरा मानना है कि हर महिला में साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपने सपनों को पूरा करने की शक्ति होती है। महिला दिवस के अवसर पर मैं अपने आप को और सभी अद्भुत महिलाओं को यह कहना चाहती हूं कि हर दिन कुछ नया सीखने और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। हर महिला शक्तिशाली है और सम्मान की हकदार है। पति ने जो व्यवसाय शुरू किया था, उसे आगे बढ़ाकर खुद को आत्मनिर्भर बनाने वाली अनुपम सूद अन्य बेटियों को भी अपने व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहीं है।किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा है कि खुद मेहनत की जाए : रंजीत कौरकिसान सब्जी मंडी मैहतपुर, नया नंगल, शिवालिक, अजोली तथा नंगल सहित अन्य स्थानों पर लगने वाली सब्जी मंडी में पुरुषों के बीच एक महिला नींबू, मशरूम आदि बेचती अक्सर नजर आती है। यह उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो किसी काम को छोटा मानती हैं या फिर पुरुषों के बीच इस तरह का काम कैसे कर पाएंगी, यही सोचकर घर के अंदर कैद होकर रह जातीं हैं। इन्द्रा नगर नंगल की निवासी रंजीत कौर पत्नी योद्धा सिंह बताती हैं कि सप्ताह के सातों दिन वह किसान सब्जी में सामान बेचती हैं। इनका कहना कि पति अस्थायी नौकरी में हैं, आय इतनी नहीं कि आराम से परिवार का गुजारा चल सके। ऐसे में पति का कुछ सहारा बन सकूं, इसलिए कुछ करना चाहिए यही सोचकर किसान सब्जी मंडी में जाना शुरू किया। रंजीत कौर मानती हैं कि किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा है कि खुद मेहनत की जाए। बच्चे पढ़ लिख जाएं, बस इसी उम्मीद के साथ मेहनत कर रही हूं। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मेरा तो यही संदेश सभी महिलाओं को है कि समाज़ को बनाने में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 07, 2026, 23:52 IST
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