काशी की महिलाएं बना रहीं रेल इंजन, हस्तशिल्प और टेक्सटाइल में भी दिखा रहीं हुनर

काशी की महिलाएं अब घर की जिम्मेदारियों के साथ औद्योगिक विकास में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में रेल इंजनों के जटिल कलपुर्जे तैयार करने से लेकर कांच के मोती, बनारसी साड़ी और टेक्सटाइल उत्पादों के निर्माण तक में महिलाएं अपनी दक्षता दिखा रही हैं। जिले के 10 प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 2000 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। ये महिलाएं उत्पादन, तकनीकी कार्य, डिजाइनिंग, गुणवत्ता जांच और पैकेजिंग जैसी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। बरेका में रेल इंजन के पुर्जे तैयार कर रहीं 335 महिलाएं बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 335 महिला कर्मचारी कार्यरत हैं। बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक, महिला तकनीकी कर्मचारी रेल इंजनों के लिए इलेक्ट्रिकल केबल लूम्स, वायरिंग हार्नेस और कंट्रोल सर्किट तैयार करने का काम कर रही हैं। इसमें कटिंग, क्रिम्पिंग, बाइंडिंग और असेंबलिंग जैसी तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके अलावा महिलाएं विद्युत रेल इंजनों के अंडरफ्रेम, बोगी और बफर पार्ट्स की तकनीकी जांच, फिटिंग और असेंबली में भी योगदान दे रही हैं। हेवी इंजीनियरिंग और लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े तकनीकी पदों पर भी महिलाएं जिम्मेदारी निभा रही हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 07, 2026, 19:12 IST
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