यमुना सिटी : पिन कोड है पर नहीं होती डिलीवरी
ऑनलाइन टैक्सी, फूड डिलीवरी सेवाएं सीमित, डिजिटल सुविधाओं के लिए अब भी जूझ रहे लोगपुनीत कुमारयमुना सिटी। प्रदेश सरकार यमुना सिटी को भविष्य के आधुनिक और हाईटेक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। क्षेत्र में कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं, डिजिटल निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां विभिन्न सरकारी और निजी डिजिटल परियोजनाएं भी स्थापित होने की संभावना है। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों का कहना है कि आज भी उन्हें रोजमर्रा की कई डिजिटल सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि दूसरे शहरों की तरह यहां भी पिन कोड है लेकिन ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता है।एनसीआर का क्षेत्र होने के बाद भी यमुना सिटी और उसके आसपास के कई सेक्टरों एवं आवासीय सोसायटियों में जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट, जेप्टो, ओला और उबर की सेवाएं या तो उपलब्ध ही नहीं हैं या फिर उनका दायरा बेहद सीमित है। निवासियों का कहना है कि जहां ऑनलाइन फूड डिलीवरी की सुविधा मिलती भी है, वहां डिलीवरी चार्ज ज्यादा होता है। उनका कहना है कि अन्य शहरों की तुलना में यहां टैक्सी का किराया काफी अधिक पड़ता है।यमुना सिटी के दनकौर कस्बे के आसपास स्थित गौड़ यमुना सिटी, 22डी सोसायटी, मिर्जापुर और छपरगढ़ जैसे क्षेत्रों में ब्लिंकिट, जोमैटो, स्विगी और ऑनलाइन टैक्सी जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें इनका सुचारु रूप से लाभ नहीं मिल पाता है। दूसरी ओर, इन इलाकों से कुछ ही दूरी पर स्थित एटीएस अल्योर और आसपास के कई गांव आज भी इन डिजिटल सेवाओं की पहुंच से बाहर हैं।जेवर के लोग अब भी कई डिजिटल सुविधाओं से वंचितजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अन्य बड़ी परियोजनाओं के कारण देश-विदेश में पहचान बना रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां रहने वाले लोग अब भी कई डिजिटल सुविधाओं से वंचित हैं। जेवर में अभी तक जोमैटो, ब्लिंकिट, जेप्टो और अन्य डिजिटल सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि किसी व्यक्ति को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं की जरूरत होती है, तो उसे स्वयं बाजार जाकर खरीदारी करनी पड़ती है। वहीं, ऑनलाइन टैक्सी सेवा उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को उससे भी पूरी तरह राहत नहीं मिलती।यमुना सिटी में ओला और उबर सेवा तो उपलब्ध है, लेकिन अन्य डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।- श्रवण कुमार, गौड़ यमुना सिटीयमुना सिटी क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए अन्य शहरों के मुकाबले अधिक भुगतान करना पड़ता है। - प्रदीप शर्मा, 22डी सोसाइटीसोसाइटी के आस-पास केवल ब्लिंकिट और कैब सर्विस उपलब्ध है। अन्य कोई सुविधा सोसाइटी के आस-पास उपलब्ध नहीं है। - कुशाग्र अग्रवाल, एटीएस अल्योरजेवर के निवासी डिजिटल सेवाओं से वंचित हैं। यहां कोई भी डिजिटल सेवा उपलब्ध नहीं है और कैब की सुविधा न के बराबर उपलब्ध है।- यश गोयल, जेवरइन परियोजनाओं पर हो रहा काम-पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट यमुना सिटी क्षेत्र में स्थापित होने जा रही है, जिसका शिलान्यास किया जा चुका है।- क्षेत्र में 1,258 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही कई विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना की जा रही है।- सीएम योगी आदित्यनाथ ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) परियोजना कर चुके हैं, जो क्षेत्र को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 17, 2026, 18:33 IST
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