Study: स्नेहभरा स्पर्श हमेशा के लिए स्मृति में होता है दर्ज, बढ़ता है भरोसा; तनाव को भी करता है दूर
स्नेहपूर्ण स्पर्श केवल क्षणिक अनुभव नहीं होता बल्कि यह मानव मस्तिष्क और शरीर में एक दीर्घकालिक भावनात्मक स्मृति के रूप में दर्ज हो जाता है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि ऐसे स्पर्श व्यक्ति की सुरक्षा की भावना, भरोसे और रिश्तों को जीवनभर प्रभावित करते हैं। अर्थस्नैप के अनुसार यह अध्ययन जर्नल न्यूरोसाइंस एंड बायोबिहेवियरल रिव्यूज में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने अफेक्टिव टैक्टाइल मेमोरी की अवधारणा प्रस्तुत की है, जिसका अर्थ है ऐसी स्पर्श आधारित स्मृति, जो लंबे समय तक बनी रहती है और भावनात्मक प्रभाव छोड़ती है। माता व संतान के बीच यह अत्यंत शक्तिशाली होती है, इसे लगभग अमिट कहा जा सकता है। अध्ययन के अनुसार अब तक स्पर्श को मुख्य रूप से भौतिक अंतर पहचानने वाली इंद्रिय के रूप में देखा गया, लेकिन यह शोध बताता है कि इसका प्रमुख प्रभाव व्यक्ति की आंतरिक भावनात्मक संरचना पर पड़ता है। धीमे और गर्म स्पर्श के प्रति संवंदनशील होती है त्वचा रिसर्च में बताया गया है कि त्वचा में मौजूद कुछ विशेष तंत्रिका तंतु कोमल, धीमे और गर्म स्पर्श के प्रति संवेदनशील होते हैं। ये तंतु स्नेहपूर्ण स्पर्श जैसे बच्चे को सहलाना या हल्के स्पर्श, पर सक्रिय होते हैं, जबकि सामान्य और तेज गतिविधियों पर कम प्रतिक्रिया देते हैं।यह अंतर दर्शाता है कि मानव शरीर, स्पर्श को दो स्तरों पर प्रोसेस करता है एक, भौतिक जानकारी के लिए और दूसरा, भावनात्मक अनुभव के लिए। क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की डॉ. लॉरा क्रूशियानेली के अनुसार जब हम किसी अर्थपूर्ण स्पर्श को याद करते हैं, तो मस्तिष्क उस अनुभव के दौरान शरीर ने जैसा महसूस किया था, उसकी छाप को फिर सक्रिय कर सकता है। भरोसे और लगाव के विकास से जुड़ा संबंध शोधकर्ताओं का कहना है कि स्नेहपूर्ण स्पर्श व्यक्ति के भीतर सुरक्षा और भरोसे की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. क्रूशियानेली के अनुसार, सुकून देने वाला स्पर्श व्यक्ति का स्थायी हिस्सा बन जाता है और यह तय करता है कि वह दूसरों से कैसे जुड़ता है और रिश्तों को कैसे निभाता है। अध्ययन के मुताबिक यह प्रक्रिया बचपन से ही शुरू हो जाती है, जब बच्चा बिना शब्दों के स्पर्श के माध्यम से भावनात्मक संकेत समझता है। तनाव को भी दूर करता है यह स्नेहिल स्पर्श अध्ययन में यह भी सामने आया कि स्नेहिल और कोमल स्पर्श तनाव कम करने में प्रभावी भूमिका निभाता है। शोध के दौरान अलग-अलग देश में 600 से अधिक परीक्षणों में पाया गया कि जब बच्चे या अधिक उम्र के लोग किसी कारणवश तनाव की स्थिति में होते हैं, तो माता-पिता या किसी करीबी परिजन का हल्का, सुकून देने वाला स्पर्श उनके तनाव स्तर को कम करने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का स्पर्श शरीर में तनाव से जुड़े संकेतों को शांत करता है और मस्तिष्क में सुरक्षा तथा भरोसे की भावना को सशक्त बनाता है। अन्य वीडियो
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 03, 2026, 02:49 IST
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