Bangladesh: प्रतिबंध के बावजूद अवामी लीग का शक्ति प्रदर्शन, स्थापना दिवस पर निकाला जुलूस; दर्जनों गिरफ्तार
बांग्लादेश में प्रतिबंधित अवामी लीग ने अपने 77वें स्थापना दिवस पर शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति बन गई। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर लगे प्रतिबंध के बावजूद कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जुलूस निकाले और नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने राजधानी ढाका समेत विभिन्न इलाकों से दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन ने दावा किया है कि उसने प्रतिबंध का उल्लंघन करने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। 23 जून 1949 को स्थापित अवामी लीग बांग्लादेश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी मानी जाती है। इसी पार्टी ने 1971 के मुक्ति संग्राम का नेतृत्व किया था। हालांकि, अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने पार्टी को भंग कर दिया था। बाद में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार और संसद ने भी इस फैसले का समर्थन किया। ऐसे में स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी के सड़क पर उतरने की कोशिश ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। ये भी पढ़ें-Explainer:क्या है 'बॉस स्कैम' क्यों सहमी कॉरपोरेट दुनिया, जानिए व्हाट्सएप के जरिए कैसे हो रही लाखों की ठगी क्यों गिरफ्तार किए गए अवामी लीग के कार्यकर्ता पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ता सुरक्षा आदेशों की अनदेखी करते हुए जुलूस निकालने और सार्वजनिक सभाएं आयोजित करने की कोशिश कर रहे थे। ढाका पुलिस ने बताया कि केवल राजधानी से ही 26 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों से भी कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। ढाका महानगर पुलिस आयुक्त मोसलेह उद्दीन अहमद ने कहा कि पुलिस ने अब तक सभी जुलूसों और रैलियों की कोशिशों को विफल कर दिया है और आगे भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान जारी रहेगा। क्या प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर उतरी अवामी लीग सख्त सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी प्रतिबंध के बावजूद अवामी लीग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो साझा किए गए, जिनमें कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लेकर सड़कों पर मार्च करते दिखाई दिए। पार्टी ने अपने समर्थकों से डिजिटल चर्चा, पोस्टर अभियान और झंडा फहराकर स्थापना दिवस मनाने की अपील की थी। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भारत में रह रहीं शेख हसीना ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा, "हम हारने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।" पार्टी ने यह भी दावा किया कि वह पहले से 10 गुना अधिक ताकत के साथ वापसी करेगी। शेख हसीना के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है शेख हसीना अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने छात्र आंदोलन को दबाने से जुड़े मामलों में उन्हें अनुपस्थिति में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। बांग्लादेश के मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों को हसीना के बयान और अवामी लीग की गतिविधियों के प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि, क्षेत्रीय मीडिया के जरिए हसीना लगातार सरकार पर न्यायपालिका के राजनीतिक इस्तेमाल और लोकतांत्रिक माहौल को कमजोर करने के आरोप लगाती रही हैं। सरकार ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं स्थापना दिवस के आसपास संभावित अशांति की आशंका को देखते हुए सरकार ने ढाका सहित छह जिलों में सेना और सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की तैनाती की है। यह तैनाती 30 जून तक जारी रहेगी। गोपालगंज, जो शेख हसीना का गृहनगर और अवामी लीग का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, वहां भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हाल ही में अवामी लीग के दो कार्यकर्ताओं की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया था, जिसके चलते कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की घटनाएं सामने आईं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 23, 2026, 12:51 IST
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