Bihar Cabinet: नीतीश की समता पार्टी के समय से साथ, छह बार के विधायक; करोड़ों के मालिक मंत्री दामोदर रावत

जमुई जिले के झाझा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में दामोदर रावत एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिनकी पकड़ समय के साथ और मजबूत होती गई है। वर्ष 2000 से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब तक छह जीतों के साथ एक लंबा अनुभव समेटे हुए है। समता पार्टी से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे रावत ने उसके बाद जनता दल (यू) के टिकट पर लगातार अपनी स्थिति मजबूत की और क्षेत्र में प्रभावशाली नेता के रूप में पहचान बनाई, जो अब एक बार फिर 2025 के सम्राट सरकार में दामोदर रावत ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। पहली जीत से लगातार बढ़ा राजनीतिक कद दामोदर रावत ने वर्ष 2000 में समता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में 1,645 वोटों से जीत हासिल कर राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। इस चुनाव में उन्होंने राजद के रविंद्र यादव को हराया था। इसके बाद 2005 के फरवरी और अक्टूबर दोनों विधानसभा चुनावों में उन्होंने जदयू के टिकट पर जीत दर्ज की। फरवरी 2005 में उन्होंने राजद के रशीद अहमद को 4,930 वोटों से पराजित किया, जबकि अक्टूबर 2005 में उन्होंने 12,344 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 2010 में चौथी जीत, 2015 में मिली हार वर्ष 2010 के चुनाव में भी दामोदर रावत का प्रदर्शन मजबूत रहा। उन्होंने राजद के बिनोद प्रसाद यादव को 10,204 वोटों से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। हालांकि 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पहली बार हार का सामना करना पड़ा, जब भाजपा के रविंद्र यादव ने 22,086 वोटों के अंतर से उन्हें पराजित किया। यह झाझा सीट पर भाजपा की पहली जीत भी थी। 2020 में दमदार वापसी कर फिर बने विधायक हार के बाद भी दामोदर रावत ने अपनी राजनीतिक जमीन नहीं छोड़ी और 2020 के चुनाव में जोरदार वापसी की। जदयू उम्मीदवार के रूप में उन्होंने 1,679 वोटों के करीबी अंतर से जीत हासिल की और राजद के राजेंद्र प्रसाद को पीछे छोड़ दिया। इस जीत के साथ उन्होंने यह साबित किया कि क्षेत्र में उनकी पकड़ अब भी कायम है। हाल ही में 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में दामोदर रावत ने एक बार फिर जीत दर्ज कर छठी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इस उपलब्धि ने उन्हें झाझा क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली नेताओं की श्रेणी में ला खड़ा किया है। मंत्री पद का अनुभव फिर बना ताकत राजनीतिक करियर के दौरान दामोदर रावत बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री और समाज कल्याण मंत्री जैसे अहम पदों पर भी रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय जुड़ाव ने उनकी छवि को और मजबूत किया है। जिसका परिणाम अब यह है कि एनडीए सरकार में उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। एनडीए सरकार में पहली बार भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री बनने के बाद गुरुवार को गांधी मैदान में मंत्री पद की शपथ ली है, जिससे जिले में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। ये भी पढ़ें:लखेंद्र पासवान ने ली मंत्री पद की शपथ; पत्नी का राजनीतिक रसूख अब कैसा शपथ पत्र में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा दामोदर रावत का हालिया शपथ पत्र के अनुसार, वर्ष 2025 के चुनाव में उन्होंने कुल संपत्ति लगभग 6.7 करोड़ रुपये और करीब 29.2 लाख रुपये की देनदारी घोषित की है। इसमें चल संपत्ति करीब 1.84 करोड़ और अचल संपत्ति लगभग 4.85 करोड़ रुपये की बताई गई है। आय के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनकी खुद की आय लगभग 31.5 लाख रुपये और उनकी पत्नी की आय करीब 10.7 लाख रुपये रही है। झाझा की राजनीति में दामोदर रावत का यह लंबा सफर उतार-चढ़ाव से भरा जरूर रहा, लेकिन लगातार जीत और मजबूत वापसी ने उन्हें एक स्थायी और प्रभावशाली जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर दिया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 07, 2026, 11:02 IST
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