कंसल्टेंसी फर्मों में तकनीक की दौड़: एआई ने बदला कामकाज, क्या बिग-4 अब सॉफ्टवेयर कंपनियों को दे रहीं टक्कर?
कॉर्पोरेट जगत में अक्सर पूछा जाता है कि मैनेजमेंट कंसल्टेंट असल में क्या करता है अब तक इसका सीधा जवाब था कि कंपनियों के आंकड़े खंगालना, कर्मचारियों की छंटनी की सिफारिश करना और बदले में करोड़ोंवसूलना लेकिन एआई की आंधी ने इस 100 साल पुराने उद्योग की बुनियाद हिला दी है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिका की चौथी सबसे बड़ी प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म केपीएमजी के सीईओ टिम वॉल्श ने कहा था कि हमारी फर्म अब एक विशुद्ध टेक कंपनी बन चुकी है जो ऑडिट, टैक्स और एडवाइजरी देती है, जिससे पूरा कॉरपोरेट जगत चौंक गया। इससे साफ है कि अब कंसल्टेंसी और टेक कंपनियों के बीच की विभाजक रेखा अब पूरी तरह मिट चुकी है। ब्यूरो सिर्फ सलाह नहीं, एआई सिस्टम भी बनाकर दे रहे कंसल्टेंट्स कंसल्टेंसी सेक्टर इंटेलिजेंस फर्म सोर्स ग्लोबल की सीईओ फियोना चेरनियाव्स्का के अनुसार, कोई फर्म खुद को जितनी ज्यादा टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में पेश करेगी, उसे उतना ही ज्यादा बिजनेस मिलने की संभावना है। क्लाइंट केवल कागजी रणनीतियां नहीं मांग रहे, बल्कि ऐसे टूल्स और सॉफ्टवेयर मांग रहे हैं जिन्हें वे तुरंत लागू कर सकें। राजस्व में 40 फीसदी हिस्सा एआई का दुनिया की शीर्ष स्ट्रैटेजी फर्म बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के कुल ग्लोबल रेवेन्यू में 40% से अधिक हिस्सेदारी अब एआई और टेक-आधारित प्रोजेक्ट्स की हो चुकी है। मैकिन्जे के कुल काम में भी 40% योगदान एआई से जुड़ी पहल का है। ये भी पढ़ें: अरहर पर महंगाई की मार: कीमतें 27% तक बढ़ीं, घरेलू मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य के पार निकले दाल के दाम पदनाम से कंसल्टेंट और एनालिस्ट शब्द हो रहे बाहर, मिल रहे टेक्निकल टाइटल बदलते दौर के साथ कंपनियों ने अपने हायरिंग और प्रमोशन के पूरे ढांचे को बदल दिया है। डेलॉय ने 'एनालिस्ट' और 'कंसल्टेंट' जैसे पारंपरिक पदनाम पूरी तरह खत्म कर दिए हैं और टेक्निकल टाइटल्स दे रही है। पीडब्ल्यूसी ने 170 साल के इतिहास में पहली बार 'इंजीनियरिंग करिअर ट्रैक' शुरू किया है। ट्रेनिंग में 15 एआई और 15 ह्यूमन स्किल्स अनिवार्य कीं। मैकिन्जे अपने एआई चैटबॉट 'लिली' का उपयोग अब नई नियुक्तियों में कर रही है। ओपनएआई और पैलेंटिर बने प्रतिद्वंद्वी: कंसल्टेंसी फर्मों के टेक बनने की इस होड़ के पीछे अस्तित्व का संकट भी है। ओपनएआई ने अपनी खुद की कंसल्टिंग विंग शुरू कर दी है, जो सीधे कंपनियों में जाकर अपने एआई मॉडल लागू करवा रही है। पैलेंटिर जैसी डाटा कंपनियां अपने इंजीनियरों को सीधे क्लाइंट्स के दफ्तर में तैनात कर रही हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 26, 2026, 05:41 IST
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