दिल्ली में गड्ढे में गिरकर मौत: सूचना थी, संसाधन थे फिर भी तड़पकर मरने दिया, घटनास्थल से 800 मीटर दूर है थाना
सूचना थी, संसाधन थे, मोबाइल की लोकेशन भी मिल गई थी। फिर भी एक युवक को तड़प-तड़पकर मरने दिया गया। जनकपुरी हादसे में 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसे कमल को बचाने से सिस्टम ने हाथ खींच लिए। घटनास्थल से महज 800 मीटर दूर थाना था और 200 मीटर के दायरे की मोबाइल लोकेशन थी। इसके बावजूद स्मार्ट कही जाने वाली दिल्ली पुलिस रात भर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। परिजन दो थानों के बीच अपने लाड़ले को खोजने के लिए भटकते रहे लेकिन पुलिस ने सर्च ऑपरेशन नहीं शुरू किया। नतीजतन एक युवा पूरी रात अंधेरे में तड़पता रहा और सुबह उसकी लाश निकली। एक बार फिर वही सवाल है, क्या राजधानी में जान बचाने से पहले नियम पूरे होने का इंतजार किया जाता है परिजनों का कहना है कि कमल ने बृहस्पतिवार रात 11:53 बजे अपने भाई करण को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास से फोन कर बताया था कि वह कुछ ही मिनटों में घर पहुंच जाएगा। इसके थोड़ी देर बाद से उसका फोन उठना बंद हो गया। घंटी बजती रही, लेकिन फोन नहीं उठा। आशंकित परिजन रात करीब 1:35 बजे अपने सबसे नजदीकी थाना विकासपुरी पहुंचे लेकिन वहां से उन्हें कोई मदद नहीं मिली। 1:35 बजे पुलिस को बताया, फिर भी करते रहे टालमटोल परिजनों ने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि कमल का फोन बंद नहीं है, सिर्फ काल रिसीव नहीं हो रही है। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने न तो तत्काल तलाश शुरू की और न आपराधिक आशंका को गंभीरता से लिया। विकासपुरी थाने में यह कहकर टाल दिया गया कि किसी दुर्घटना या एमएलसी की जानकारी नहीं है। न ही बाइक नंबर से कोई रिपोर्ट मिली है। परिजन फिर जनकपुरी थाने पहुंचे लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान परिजन एक दो थाने और गए और कमल की तलाश की गुहार लगाई। आखिरकार सुबह 2:50 बजे जनकपुरी थाने में कमल के गायब होने की तहरीर पुलिस ने ली और मोबाइल सर्विलांस पर लगाया। लोकेशन पोसांगीपुर पार्क, जनकपुरी के पास आई। बताया जा रहा है कि यहां लोकेशन का दायरा 200 मीटर के करीब का था। पश्चिमी जिले के डीसीपी दरादे शरद भास्कर के अनुसार, पुलिस ने परिवार के साथ आसपास की कॉलोनियों में तलाश की। हैरानी है कि थाने से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर सड़क पर खुले पड़े 20-20 फीट गहरे गड्ढ़ों की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। उसी गड्ढ़े में कमल गंभीर हालत में पड़ा तड़पता रहा। गड्ढ़े के पास तैनात था गार्ड जिस गड्ढ़े में कमल गिरा, उसके पास एक सुरक्षा गार्ड तैनात था। गार्ड कहां है इस बारे में किसी को कुछ नहीं पता। यह सवाल अब गंभीर रूप से उठ रहा है कि बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के सड़क पर इतने बड़े गड्ढ़े कैसे छोड़ दिए गए और पुलिस की नजर उन पर क्यों नहीं पड़ी। घटना के बाद से सुरक्षा गार्ड का भी पता नहीं चल पाया है। मौके पर मौजूद कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस उसे अपने साथ ले गई है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। सुबह 8:03 बजे मिली कॉल, शाम 4:48 बजे दी गई आधिकारिक जानकारी पुलिस की सूचना साझा करने की शैली भी सवालों के घेरे में है। शुक्रवार सुबह 8:03 बजे एक महिला ने पुलिस को फोन कर युवक के गड्ढ़े में पड़े होने की जानकारी दी। इसके बावजूद पश्चिमी जिला पुलिस ने घटना की आधिकारिक जानकारी शाम 4:48 बजे दी। कमल के गायब होने की सूचना पुलिस को रात 1:35 बजे ही मिल चुकी थी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 07, 2026, 05:57 IST
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