Railway:टिकट कैंसिल करने में देरी पड़ी भारी! कब मिलेगा पूरा रिफंड, कब कटेगा पैसा, जानिए रेलवे के नए नियम

भारतीय रेलवे ने ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत दी हैं। रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग पॉइंट बदलने के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, यात्रियों को यात्रा से पहले ज्यादा लचीलापन मिलेगा, जिससे उनकी प्लानिंग आसान हो जाएगी। इन बदलावों को एक से 15 अप्रैल के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। रेलवे के नए नियमों के तहत, अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट को यात्रा से 72 घंटे पहले कैंसिल करता है तो उसे लगभग पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। इस दौरान केवल एक तय फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा। जबकि बाकी राशि रिफंड कर दी जाएगी। इससे समय पर टिकट कैंसिल करने वालों को राहत मिलेगी। अगर टिकट 72 घंटे से लेकर 24 घंटे के बीच कैंसिल की जाती है तो रेलवे किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काटेगा और बाकी पैसा लौटाएगा। यह कटौती न्यूनतम कैंसिलेशन चार्ज के नियमों के अनुसार होगी। यानी जैसे-जैसे कैंसिलेशन में देरी होगी, वैसे-वैसे रिफंड कम होता जाएगा। रेलवे का कहना है कि इससे खाली सीटों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। यात्रा से 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर यात्रियों को केवल 50 प्रतिशत किराया ही वापस मिलेगा। इस समय के दौरान कैंसिलेशन करना काफी महंगा पड़ सकता है। सबसे सख्त नियम आखिरी समय के लिए रखा गया है। अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम समय बचा है और टिकट कैंसिल किया जाता है, तो किसी भी तरह का रिफंड नहीं दिया जाएगा। 72 घंटे से पहले: अधिकतम रिफंड मिलेगा, केवल प्रति यात्री फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटेगा 72 घंटे से 24 घंटे के बीच: किराए का 25 प्रतिशत कटेगा (न्यूनतम चार्ज लागू) 24 घंटे से 8 घंटे के बीच: किराए का 50 प्रतिशत कटेगा (न्यूनतम चार्ज लागू) 8 घंटे से कम समय: पहले कोई रिफंड नहीं मिलेगा ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे। यात्री वक्त तक बदल सकेंगे स्टेशन रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए बोर्डिंग प्वाइंट बदलने के नियमों में ढील दी है। अब यात्री ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से सिर्फ 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। रेलवे मंत्रालय का कहना है कि यह सुविधा खासकर बड़े शहरों में काफी मददगार साबित होगी, जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन होते हैं। इससे यात्री अपनी सहूलियत के अनुसार नजदीकी स्टेशन से यात्रा शुरू कर पाएंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही सीमित थी। टिकट कैंसिलेशन का पहले यह था नियम रेलवे के पुराने टिकट कैंसिलेशन नियमों में चार्ज क्लास और समय सीमा के हिसाब से तय होता था। पहले अगर कोई यात्री 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता था, तो एग्जीक्यूटिव क्लास पर 240 रुपये के साथ जीएसटी और एसी चेयर कार पर 180 रुपये के साथ जीएसटी काटे जाते थे। इसके बाद 48 से 12 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का 25 प्रतिशत कटता था, जबकि 12 से 4 घंटे के भीतर कैंसिल करने पर 50 प्रतिशत रकम काट ली जाती थी। अगर ट्रेन छूटने में 4 घंटे से कम समय बचता था, तो यात्री को कोई रिफंड नहीं मिलता था।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 24, 2026, 11:51 IST
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