US: ट्रंप ने टैरिफ को बनाया प्रमुख मुद्दा, अब 'सुप्रीम' फैसले से अमेरिका में बढ़ सकती है अराजकता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ पर अकेले चलने की कीमत चुकानी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के फैसले से चुनाव वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और आर्थिक अराजकता और अनिश्चितता और बढ़ जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी यह पता नहीं है कि वसूला गया टैरिफ वापस होगा या नहीं। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है कि देशों पर लगे टैरिफ की भविष्य में क्या स्थिति होगी। हर 10 में से 6 अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप ने दूसरे देशों पर टैरिफ लगाकर सारी हद पार कर दी है। वहीं, ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि फैसला शर्मनाक है। उनके साथ मौजूद एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ट्रंप ने फैसले की जानकारी मिलते ही कहा, मुझे इन अदालतों के बारे में कुछ करना होगा। माना जा रहा है कि ट्रंप एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसले पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखेंगे। रिपब्लिकन रणनीतिकार डग हेये ने फैसले के बाद कहा, राष्ट्रपति इस फैसले से खुश नहीं होंगे। हम यह सुनने लगे हैं कि यह एक बड़ा झटका है। लेकिन निश्चित रूप से ट्रंप दूसरे रास्ते तलाश करने की कोशिश करेंगे। हेये ने पूछा, क्या वे इसे एक अवसर के रूप में इस्तेमाल कर पाएंगे या नहीं ऐसे बहुत सारे सवाल हैं। व्हाइट हाउस वैकल्पिक कानूनों का इस्तेमाल करके टैरिफ को बरकरार रखने की योजना बना रहा है, लेकिन इनके जरिये केवल बहस ही लंबी होगी और उन मुद्दों को जीवित रखेंगी जो मतदाताओं के बीच काफी अलोकप्रिय हैं। अमेरिकी नागरिकों की महंगाई संबंधी चिंताओं को दूर करने के वादे पर चुने गए राष्ट्रपति के लिए अधिक चिंताजनक बात यह है कि पिछले अप्रैल में किए गए एक सर्वेक्षण में 76 प्रतिशत लोगों का मानना था कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों से अमेरिका में महंगाई बढ़ जाएगी। ट्रंप की पार्टी के सांसद भी नाराज ट्रंप द्वारा आक्रामक रूप से टैरिफ लगाने से कई रिपब्लिकन सांसदों में सार्वजनिक और निजी तौर पर बेचैनी पैदा हो गई है। राष्ट्रपति की पार्टी के कम से कम सात सीनेटरों ने समय-समय पर इसे लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। इस महीने की शुरुआत में, छह हाउस रिपब्लिकन ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर कनाडा पर ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ एक प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस फैसले से ट्रंप के आलोचकों को यह कहने का मौका मिल गया है कि उन्होंने कानून तोड़ा और परिणामस्वरूप मध्यमवर्गीय परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। ट्रंप के पूर्व सहयोगी ने इसे जनता की जीत बताया दरअसल, मुक्त व्यापार रिपब्लिकन पार्टी का प्रमुख सिद्धांत रहा है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रहे माइक पेंस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जनता, संविधान में निहित शक्तियों के पृथक्करण और मुक्त व्यापार की जीत बताया। पेंस ने सोशल मीडिया पर लिखा, अमेरिकी परिवार और अमेरिकी व्यवसायी इस टैरिफ का भुगतान करते हैं - विदेशी देश नहीं। इस फैसले से अमेरिकी परिवार और व्यवसाय राहत की सांस ले सकते हैं। ये भी पढ़ें:India-US Trade Deal:ट्रंप बोले- भारत के साथ ट्रेड डील जारी, टैरिफ नीति में बदलाव नहीं; PM मोदी की तारीफ भी की भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द करने के फैसले का भारतीय निर्यातकों ने स्वागत किया है। निर्यात संगठनों का कहना है कि इस निर्णय से उन भारतीय कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो देश-विशेष शुल्क से प्रभावित थीं। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार में स्थिरता आएगी और भविष्य को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अमान्य किए गए टैरिफ के तहत जिन आयातकों ने शुल्क चुकाया है, वे अब धन वापसी का दावा कर सकते हैं, जिससे कारोबार को तुरंत राहत मिल सकती है। वैश्विक व्यापार शोध पहल के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि अगर अमेरिका भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ भी हटाता है, तो भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर केवल सामान्य सीमा शुल्क ही लागू रहेगा। ब्यूरो हालांकि इस्पात, एल्युमीनियम और कुछ वाहन पुर्जों पर धारा 232 के तहत लगाए गए 50 और 25 प्रतिशत शुल्क अभी भी लागू रहेंगे। वहीं मोबाइल फोन, पेट्रोलियम उत्पाद और दवाइयों जैसे उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ नहीं लगेगा। ये भी पढ़ें:US Tariff:'सुप्रीम' फैसले पर तिलमिलाए ट्रंप, रद्द किए टैरिफ के बदले सभी देशों पर 10% वैश्विक शुल्क का एलान अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में तेजी ट्रंप के टैरिफ रद्द किए जाने के बाद शुक्रवार को अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिका का एस एंड पी 500 सूचकांक 0.3 प्रतिशत चढ़ा। यूरोप में ऑटो शेयरों में उछाल आया, जबकि दक्षिण कोरिया से भारत तक बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। बांड बाजार में अमेरिकी 10 वर्षीय प्रतिफल 2 आधार अंक बढ़कर 4.096 प्रतिशत पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर सूचकांक 0.2 प्रतिशत गिरकर 97.67 पर रहा। अन्य वीडियो
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 21, 2026, 04:02 IST
US: ट्रंप ने टैरिफ को बनाया प्रमुख मुद्दा, अब 'सुप्रीम' फैसले से अमेरिका में बढ़ सकती है अराजकता #World #International #DonaldTrump #UsSupremeCourt #UsSupremeCourtOnTariffs #ChaosInUs #America #AmericaNews #SubahSamachar
