ED: डेवलपर्स ने एक ही जमीन कई खरीदारों को बेची, रजिस्ट्री कराने का झूठा वादा, 14.63 करोड़ की आपराधिक आय

साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक सतीश चंद्र गुप्ता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई निवेशकों को धोखा दे दिया। सबसे पहले वह उन्हें जमीन दिखाता। जमीन पसंद आने पर यह वादा करता कि जल्द ही उसकी रजिस्ट्री करा देगा। निवेशक उस पर भरोसा कर पूरी राशि दे देते थे। जब लंबे समय तक रजिस्ट्री नहीं हुई तो निवेशकों को शक हुआ। पता चला कि गुप्ता ने उन्हें धोखा दिया है। एक ही जमीन, कई निवेशकों को बेचकर 14.63 करोड़ की आपराधिक आय अर्जित कर ली है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत साई सूर्या डेवलपर्स और अन्य के मामले में 14.63 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इन संपत्तियों पर विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं में भूखंड बेचने के बहाने कई पीड़ितों/जमाकर्ताओं को धोखा देने का आरोप है। जब्त की गई संपत्तियों में साई सूर्या डेवलपर्स के नाम पर पंजीकृत भूमि के टुकड़े शामिल हैं। ईडी ने तेलंगाना पुलिस द्वारा साई सूर्या डेवलपर्स के मालिक सतीश चंद्र गुप्ता और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की है। तेलंगाना पुलिस द्वारा दायर आरोपपत्र के अनुसार, सतीश चंद्र गुप्ता ने विभिन्न शिकायतकर्ताओं से धन एकत्र किया। उनके नाम पर वादा की गई भूमि का पंजीकरण नहीं कराया। इससे गुप्ता ने शिकायतकर्ताओं को धोखा दिया। ईडी की जांच में पता चला कि सतीश चंद्र गुप्ता द्वारा एक सुनियोजित धोखाधड़ी की योजना को अंजाम दिया गया था। वह अनधिकृत एक ही भूखंड को कई खरीदारों को बेचने, वैध समझौतों पर हस्ताक्षर किए बिना बिक्री राशि वसूलने और भूखंडों के पंजीकरण के संबंध में झूठे आश्वासन जारी करने में लिप्त था। ये सभी कृत्य आम जनता को धोखा देने के पूर्व निर्धारित और बेईमान इरादे से किए गए थे। उसने अपने सहयोगी निवेशकों को बड़ी रकम हड़पने के लिए प्रेरित किया। इसके चलते पीड़ितों को अनुचित नुकसान हुआ। दूसरी तरफ गुप्ता और उसकी संस्थाओं को अनुचित लाभ हुआ। जांच में आगे पता चला है कि सतीश चंद्र गुप्ता, उनके परिवार के सदस्यों और उनकी स्वामित्व/साझेदारी फर्मों के नाम पर कई बैंक खाते थे। अब तक पहचानी गई अपराध की कुल आय 14.63 करोड़ रुपये है, जो पीड़ितों से चेक, बैंक हस्तांतरण और नकद भुगतान के माध्यम से एकत्र की गई थी। बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि अपराध की आय को संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के बीच अंतर-खाता हस्तांतरण के एक जटिल जाल के माध्यम से जानबूझकर छिपाया गया था। यह सब, धन की वास्तविक प्रकृति और स्रोत को छुपाने के लिया किया गया। बाद में इन राशियों को विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर निवेशकों को धोखा दिया गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 28, 2026, 15:25 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »

Read More:
India news National Ed



ED: डेवलपर्स ने एक ही जमीन कई खरीदारों को बेची, रजिस्ट्री कराने का झूठा वादा, 14.63 करोड़ की आपराधिक आय #IndiaNews #National #Ed #SubahSamachar