Hathras News: वादों की नमी में भीगी व्यवस्था, दावों के बोरे सिलने में जुटा प्रशासन
सरकारी दावों और तैयारियों के बीच जमीनी हकीकत किसानों की मुश्किलों की तस्वीर पेश कर रही है। तय समय पर मक्का क्रय केंद्र पूरी तरह शुरू न हो पाने और हाल की बारिश से फसल में 23 से 35 प्रतिशत तक नमी बढ़ जाने के कारण किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (2410 रुपये प्रति क्विंटल) के लाभ से वंचित होते दिख रहे हैं। किसानों के अनुसार बारिश के कारण खेतों और मंडियों में लाई गई मक्का में नमी का स्तर 23 से 35 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जबकि सरकारी मानक के अनुसार केवल 14 प्रतिशत तक नमी वाली मक्का ही 2410 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर खरीदी जा सकती है। इसी मानक के चलते अधिकांश किसान अपनी फसल बेचने की स्थिति में नहीं हैं।उधर, प्रशासनिक स्तर पर केंद्रों को सुचारु करने और बोरे आदि की व्यवस्था में तेजी लाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मौसम की बेरुखी और सख्त गुणवत्ता मानकों के बीच किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। अपनी उपज को मानकों के अनुरूप करने के लिए किसान मजबूरन नेशनल हाईवे किनारे मक्का सुखाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी परेशानी और जोखिम दोनों बढ़ गए हैं।साढ़े आठ हजार क्विंटल का लक्ष्य, कैसे होगा पूरा प्रशासन को इस सीजन के लिए कुल साढ़े आठ हजार क्विंटल मक्का खरीद का लक्ष्य आवंटित किया गया है, लेकिन सीजन की शुरुआत में ही केंद्रों का ताला न खुलना और बारदाने (बोरों) का संकट होना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते नमी के मानकों में ढील नहीं दी गई या सुखावन की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो यह लक्ष्य केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।क्रय केंद्र पर 14 प्रतिशत तक नमीयुक्त मक्का की खरीद 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर की जा रही है, जो कि इस मौसम में असंभव है। वहीं आढ़ती 24 से 30 प्रतिशत नमी पर 1400 से 1500 रुपये में मक्का खरीद रहे हैं। सरकारी लेटलतीफी के कारण हम 1000 प्रति क्विंटल के घाटे में मक्का बेचने पर मजबूर हैं।-बहादुर सिंह, किसान निवासी गांव कुम्हरई क्रय केंद्र के नियम बहुत सख्त हैं, वहां सिर्फ 14 प्रतिशत नमी वाली मक्का ही ली जा रही है। बारिश के मौसम के कारण हमारी फसल बहुत गीली है। मजबूरी का फायदा उठाकर आढ़ती 24 से 32 फीसदी तक नमीयुक्त मक्का बेहद सस्ते रेटों पर खरीद रहे हैं। हमारे पास आढ़तियों को औने-पौने दाम पर फसल बेचने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।दिनेश कुमार, किसान निवासी गांव प्रतापक्रय केंद्रों पर मक्का की खरीद के लिए व्यवस्था कराई जा रही है। वर्तमान में मक्का में नमी बहुत अधिक आ रही है। शासन से 14 फीसदी तक ही नमीयुक्त मक्का की खरीद की छूट दी गई है। इससे अधिक छूट दिए जाने के बारे में शासन को अवगत कराया जा रहा है। -कमला प्रसाद यादव, डिप्टी आरएमओ
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 17, 2026, 02:21 IST
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