Vikas Swarup: 'जमी बर्फ अब पिघलने लगी...' भारत-कनाडा में उच्चायुक्तों की नियुक्ति पर बोले पूर्व राजनयिक स्वरूप

पूर्व राजनयिक विकास स्वरूप ने भारत और कनाडा की ओर से एक-दूसरे के देश नए उच्चायुक्त नियुक्त किए जाने को एक 'सकारात्मक कदम' बताया। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। स्वरूप ने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत ही सकारात्मक कदम है। यह वास्तव में पहला संकेत है कि संबंधों में थोड़ी गर्मजोशी लौट रही है। यह तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की। मुझे लगता है कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने आगे कहा, हम अभी भी कनाडा में सक्रिय कुछ भारत-विरोधी संगठनों को लेकर चिंतित हैं। लेकिन अब कनाडा सरकार हमारी चिंताओं को लेकर पहले से ज्यादा संवेदनशील दिख रही है और आगे बढ़ने को तैयार है। वैसे भी ट्रंप की व्यापार नीति के चलते कनाडा काफी प्रभावित हुआ था, इसलिए उन्हें भी अब विकल्पों की जरूरत है। स्वरूप ने कहा, एक बार दोनों देशों के नए उच्चायुक्त अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभाल लें, तो व्यापार वार्ता और आपसी सहयोग के अन्य पहलुओं को फिर से शुरू किया जा सकता है। ये भी पढ़ें:अमेरिका की संसदीय समिति का चीन पर सख्त रुख, AI चिप निर्यात पर नई रणनीति लागू करने की सिफारिश की उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भारत के लिए नए उच्चायुक्त की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कनाडा और भारत के बीच राजनयिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। अनीता आनंद ने एक्स पर लिखा, नए उच्चायुक्त की नियुक्ति भारत के साथ सहयोग और राजनयिक संवाद को आगे बढ़ाने की हमारी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने इस कदम को 'महत्वपूर्ण' बताते हुए कहा, 'यह न सिर्फ भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि कनाडा के नागरिकों के लिए सेवाएं बहाल करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।' भारत ने दिनेश पटनायक को नियुक्त किया अगला उच्चायुक्त विदेश मंत्रालय (एमईए) ने जानकारी दी कि वरिष्ठ राजनयिक दिनेश के. पटनायक (1990 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी) को भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है। वह नवंबर 2021 से स्पेन में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं और जल्द ही अपनी नई भूमिका संभालेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और कनाडा के बीच संबंध सामान्य करने की कोशिशें चल रही हैं। लगभग नौ महीने पहले भारत ने अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा और कई वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुला लिया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच दूतावास स्तर पर बहाली की प्रक्रिया जारी थी। ये भी पढ़ें:'मैंने बहुत लोगों का मुंह तोड़ा', पत्रकार पर भड़के ऑस्ट्रेलियाई राजनेता ने दी धमकी, खड़ा हुआ विवाद जी-7 शिखर सम्मेलन में मिले थे पीएम मोदी और उनके समकक्ष मार्क कार्नी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने जून में पुष्टि की थी कि दोनों देश एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों की बहाली पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी, जहां दोनों नेताओं ने संबंधों को दोबारा स्थिर करने और मजबूत करने पर सहमति जताई थी। खालिस्तानी आतंकवादी की हत्या को लेकर शुरू हुआ था विवाद भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव जून 2023 में तब आया, जब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया था। भारत ने इस आरोप को 'बेतुका और राजनीति से प्रेरित' कहकर खारिज कर दिया था। इसके बाद भारत ने छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित किया और अपने उच्चायुक्त को भी वापस बुला लिया। निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 30, 2025, 10:25 IST
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