परिश्रम की भट्ठी से निकले चैंपियन की कहानी: अभिज्ञान कुंडू ने लिखा स्वर्णिम इतिहास, मेहनत ऐसी कि किस्मत झुक गई
भारत अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को हराकर विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है, और इस ऐतिहासिक जीत में अभिज्ञान कुंडू की भूमिका बेहद अहम रही। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात मैचों में पांच पारियां खेलीं, 239 रन बनाए, औसत 59.75 और स्ट्राइक रेट 87.54 रहा। उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले, लेकिन आंकड़ों से ज्यादा प्रभाव उनकी पारियों के समय ने डाला। बांग्लादेश के खिलाफ जब टीम 53 रन पर तीन विकेट गंवाकर संकट में थी, तब कुंडू ने 80 रन बनाकर पारी को संभाला। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ 61 रन और अमेरिका के खिलाफ नाबाद 40 रन की पारी खेली। ये सिर्फ रन नहीं थे, बल्कि इस बात का सबूत थे कि कम उम्र में भी वह हालात को पढ़ना और जिम्मेदारी लेना जानते हैं। उनकी बल्लेबाजी में दिखी यह मैच्योरिटी ही उन्हें टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाती है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 07, 2026, 07:07 IST
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